यह हादसा शुक्रवार शाम को हुआ है। मशीन फटने की वजह शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी बताई जा रही है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुट गई।
इंदौर दुग्ध संघ में सांची के पेड़े तैयार करने वाले प्लांट में शुक्रवार शाम बड़ा हादसा हो गया। मशीन फटने से एक टेक्नीशियन की मौत हो गई, जबकि तीन कर्मचारी घायल बताए जा रहे हैं। अचानक हुए हादसे के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया। प्रारंभिक तौर पर मशीन में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, विस्फोट किस वजह से हुआ और उस समय मशीन पर किस तरह की प्रक्रिया चल रही थी, इसका स्पष्ट कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।
शाम साढ़े पांच बजे हुआ हादसा
लसूड़िया थाना प्रभारी राजकुमार यादव के अनुसार, हादसा शाम करीब साढ़े पांच बजे हुआ। घटना में विनोद कुमार पिता बालमुकुंद चडार, निवासी ग्राम गाडौली जागीर, सागर की मौत हो गई। वहीं तेजसिंह पिता सजन सिंह, निवासी ब्रिटिश पार्क फेज-2, डाबली गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतक और घायल कर्मचारी लंबे समय से प्लांट में काम कर रहे थे। हादसे के बाद अन्य कर्मचारियों ने तत्काल मदद की और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया है।
छह महीने से पुरानी मशीन बदलने की मांग का दावा
हादसे के बाद प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों की शिकायतें भी सामने आई हैं। कर्मचारियों का दावा है कि प्लांट में लगी कुछ मशीनें काफी पुरानी और जर्जर हालत में थीं। इन्हें बदलने के लिए पिछले करीब छह महीने से प्रबंधन से मांग की जा रही थी।
कर्मचारियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद मशीनों को बदलने या उनकी तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मशीन की स्थिति हादसे की वजह बनी या नहीं।
हादसे के बाद सामने आईं प्लांट के अंदर की तस्वीरें
घटना के बाद प्लांट के अंदर की कुछ तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें परिसर के कुछ हिस्सों में गंदगी और अस्वच्छता दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद खाद्य उत्पाद तैयार करने वाले प्लांट में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सांची के पेड़े और अन्य दुग्ध उत्पाद सीधे खाद्य पदार्थों की श्रेणी में आते हैं, इसलिए उत्पादन स्थल की साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण है। ऐसे में हादसे के साथ ही प्लांट की स्वच्छता व्यवस्था की भी जांच की मांग उठने लगी है।
मशीन हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
एक कर्मचारी की मौत और तीन लोगों के घायल होने के बाद प्लांट में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब जांच का फोकस मशीन की तकनीकी स्थिति, उसके रखरखाव, कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था और प्लांट में अपनाए जा रहे मानकों पर रहेगा।









