
मध्य प्रदेश में पीथमपुर विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के दूसरे चरण के लिए 2,246 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति के अनुसार, परियोजनाओं से अगले पांच वर्षों में लगभग 1,900 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने और लगभग 20,000 करोड़ रुपये का निर्यात उत्पन्न होने की उम्मीद है।
प्रजापति ने कहा कि विकास आयुक्त, एसईजेड की अध्यक्षता में चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुमोदन समिति की पहली बैठक के दौरान प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सभी स्वीकृत निवेश पीथमपुर एसईजेड चरण- II में किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधि को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।
फार्मास्युटिकल क्षेत्र निवेश को बढ़ावा देगा
स्वीकृत निवेश प्रस्तावों में फार्मास्युटिकल उद्योग का बड़ा योगदान है।
प्रमुख परियोजनाओं में अजंता फार्मा के मौजूदा परिचालन का विस्तार, साथ ही एक नई विनिर्माण इकाई की स्थापना भी शामिल है। फेलिक्स जेनेरिक्स और शंकर न्यूट्रिकॉन समेत अन्य कंपनियां भी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने में निवेश करेंगी।
निर्यात और रोजगार को प्रमुख बढ़ावा
एमपीआईडीसी के अनुसार, नई औद्योगिक इकाइयों से पीथमपुर एसईजेड से रोजगार सृजन और निर्यात प्रदर्शन दोनों में काफी मजबूती आने की उम्मीद है।
निगम का अनुमान है कि एक बार चालू होने के बाद, ये परियोजनाएं सामूहिक रूप से अगले पांच वर्षों में लगभग ₹20,000 करोड़ के निर्यात में योगदान देंगी, जबकि प्रत्यक्ष रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करेंगी।
पीथमपुर एक प्रमुख औद्योगिक निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है
प्रजापति ने कहा कि पीथमपुर एसईजेड अपने बढ़ते औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के कारण निवेशकों की मजबूत रुचि को आकर्षित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि नई परियोजनाएं मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देंगी और फार्मास्युटिकल और विनिर्माण क्षेत्रों में राज्य की स्थिति को और मजबूत करेंगी।






