September 18, 2026 6:02 pm

कोरबा में दर्दनाक हादसा: अलगू तालाब में नहाने गईं 3 मासूम बच्चियों की डूबने से मौत, पसरा मातम

छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल कोरबा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां गुरुवार की दोपहर एक शांत ग्रामीण परिवेश पल भर में चीख-पुकार और मातम में तब्दील हो गया। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत पाली थाना क्षेत्र के एक गांव में स्थित अलगू तालाब में नहाने के दौरान पानी के गहरे बहाव और गहराई का अंदाजा न लगा पाने के कारण तीन अबोध बच्चियां डूब गईं। जब तक परिजनों और ग्रामीणों को इस अनहोनी का आभास हुआ, तब तक तीनों मासूम जिंदगियां पानी के भीतर काल के गाल में समा चुकी थीं। एक साथ एक ही मोहल्ले की तीन बच्चियों की इस आकस्मिक जलसमाधि की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में गहरा शोक छा गया और हर आंख नम हो गई।

इस हृदयविदारक हादसे में असमय काल-कवलित होने वाली तीनों मासूम बच्चियों की पहचान 7 वर्षीय इंदु अगरिया, 8 वर्षीय राखी और 8 वर्षीय साधना के रूप में की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार तीनों बच्चियां एक ही बस्ती में आस-पास रहती थीं और आपस में घनिष्ठ सहेलियां थीं, जो हमेशा साथ में खेलती-कूदती थीं। गुरुवार की सुबह तीनों बच्चियां किसी कारणवश विद्यालय नहीं गई थीं और अपने-अपने घरों पर ही खेल रही थीं। दोपहर के वक्त जब गांव के अधिकांश बड़े-बुजुर्ग खेतों, मजदूरी और दैनिक कामों में व्यस्त थे, तब ये तीनों खेलने के दौरान बिना परिजनों को बताए गांव के छोर पर स्थित अलगू तालाब की तरफ चली गईं। उस समय दोपहर की तेज धूप के चलते तालाब के घाटों और आसपास के किनारों पर कोई भी वयस्क ग्रामीण मौजूद नहीं था, जिसके चलते पानी में उतरते वक्त उन्हें खतरे से आगाह करने वाला कोई नहीं था।

दोपहर ढलने के बाद जब काफी देर तक तीनों बच्चियां घर वापस नहीं लौटीं और न ही आसपास खेलती हुई दिखाई दीं, तो परिवारों की चिंता बढ़ने लगी। परिजनों ने आसपास के घरों, गलियों और खेल के मैदानों में उनकी खोजबीन शुरू की। जब गांव के भीतर उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो अनहोनी की आशंका के बीच परिजन अन्य ग्रामीणों के साथ ढूंढते हुए गांव के अलगू तालाब के किनारे पहुंचे। वहां पहुंचते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि तालाब के पचरी घाट के किनारे तीनों बच्चियों के कपड़े और चप्पलें करीने से रखे हुए पाए गए। स्थिति की भयावहता तब और बढ़ गई जब घाट पर खड़े एक ग्रामीण की नजर पानी की सतह पर तैर रहे एक शव पर पड़ी। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पानी से उस शव को बाहर निकाला, जिसकी शिनाख्त 7 वर्षीय इंदु अगरिया के रूप में हुई। इंदु का निष्प्राण शरीर देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और तालाब के किनारे सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।

घटना की भयावहता को देखते हुए तत्काल पाली थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पाली थाना प्रभारी मनोज कौशिक अपने पूरे पुलिस बल और गोताखोरों के संसाधनों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। इंदु का शव मिलने के बाद पानी में शेष दो बच्चियों राखी और साधना के डूबे होने की आशंका के चलते पुलिस ने स्थानीय तैराकों और ग्रामीणों की मदद से तालाब के गहरे पानी में सघन खोजबीन अभियान शुरू किया। तालाब की गहराई और पानी के ठंडे होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने जाल और रस्सियों के सहारे कई घंटों तक पानी के हर हिस्से को खंगाला। आखिरकार अथक मशक्कत के बाद शाम होते-होते गोताखोरों ने राखी और साधना के शवों को भी गहरे कीचड़ से खोजकर बाहर निकाल लिया। एक ही बस्ती की तीन मासूमों के बेजान शरीरों को एक साथ देखकर उपस्थित हर ग्रामीण का दिल दहल उठा और पूरे गांव में कोहराम मच गया।

घटनास्थल पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए तीनों बच्चियों के शवों का पंचनामा तैयार किया। पाली थाना प्रभारी मनोज कौशिक के अनुसार, पुलिस ने इस दुखद मामले में अस्वाभाविक मौत का मर्ग कायम कर लिया है और तीनों शवों को औपचारिक पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भिजवा दिया गया है। प्राथमिक चिकित्सकीय और पुलिस जांच में फेफड़ों में पानी भरने और दम घुटने के कारण डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। इस भीषण हादसे के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है, साथ ही ग्रामीणों से अपील की है कि वे बरसात और गर्मी के मौसम में छोटे बच्चों को अकेले गहरे तालाबों, नदियों और एनीकटों के समीप न जाने दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!