October 29, 2026 7:11 am

BREAKING NEWS

खाद्य विभाग के अधिकारियों का IIM इंदौर में 5 दिवसीय प्रबंधन प्रशिक्षण बंगाल कैबिनेट का बड़ा फैसला: नए भर्ती होने वाले शिक्षक अब नहीं लड़ सकेंगे चुनाव जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों को मजबूत बनाएं, निर्बाध संचालन सुनिश्चित करें : मंत्री कुशवाहा चीन के पास 1800 लड़ाकू विमान, फिर भी भारत से हवाई जंग में क्यों कमजोर पड़ सकता है ड्रैगन? India-China Air War: चीन के पास ज्यादा फाइटर जेट, लेकिन तिब्बत के एयरबेस बन सकते हैं बड़ी चुनौती; जानें वजह भारत-चीन हवाई मुकाबले में सिर्फ विमानों की संख्या नहीं, ऊंचाई और हथियार भी अहम; समझें ड्रैगन की मुश्किलें दर्दनाक हादसा: पति की मौत के सदमे में गर्भवती महिला ने बेटे संग दी जान, बेटी भागकर बची शिवराज सिंह चौहान की कॉरपोरेट जगत से अपील, गांव-गरीब और खेती को न भूलें

खड़गे के कथित भड़काऊ बयान को लेकर भाजपा नेताओं की शिकायत, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित भड़काऊ एवं समाज में वैमनस्य फैलाने वाले वक्तव्य के संबंध में शिकायत

भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखंड के निवर्तमान मीडिया सह संयोजक अधिवक्ता अनु पंत एवं भाजपा उत्तराखंड के निवर्तमान प्रदेश आईटी हेड अजीत नेगी तथा अन्य द्वारा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष  मल्लिकार्जुन खड़गे के विरुद्ध एक शिकायत प्रस्तुत की गई है।

शिकायत में कहा गया है कि अप्रैल माह में असम में आयोजित एक जनसभा/रैली के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा कथित रूप से ऐसा वक्तव्य दिया गया, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों को भाजपा एवं आरएसएस से जुड़े लोगों के विरुद्ध हिंसक तरीके से कार्रवाई करने के लिए उकसाने जैसा संदेश दिया गया तथा कथित तौर पर उनकी तुलना उस सांप से की गई, जिसे नमाज के स्थान/प्रार्थना स्थल में प्रवेश करने पर मार दिया जाता है।

अधिवक्ता अनु पंत एवं अजीत नेगी का कहना है कि यदि उक्त वक्तव्य और उसका संदर्भ सही पाया जाता है, तो यह अत्यंत गंभीर, आपत्तिजनक एवं समाज में घृणा और वैमनस्य फैलाने वाला है। उनके अनुसार, इस प्रकार की भाषा और विचारधारा का उपयोग समाज के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा लोगों को धमकाने, भय का वातावरण बनाने तथा सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।

शिकायतकर्ताओं ने कहा कि भारत विभिन्न धर्मों और समुदायों का देश है, जहां हिंदू-मुस्लिम भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और आपसी सम्मान लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है। किसी भी बड़े राजनीतिक नेता द्वारा दिया गया ऐसा कोई भी कथित वक्तव्य, जो किसी समुदाय या संगठन से जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध हिंसा की भावना उत्पन्न करे, अत्यंत गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कथित वक्तव्यों से समाज में तनाव, भय एवं आपसी अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और कुछ लोग इनका दुरुपयोग कर कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक शांति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर सकते हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, ऐसे बयानों की आड़ में समाज के लोगों को धमकाने अथवा सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की किसी भी कोशिश को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।

अधिवक्ता अनु पंत एवं अजीत नेगी ने सक्षम पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि उक्त कथित वक्तव्य की वीडियो रिकॉर्डिंग, भाषण के पूरे संदर्भ एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी व्यक्ति द्वारा हिंसा, वैमनस्य या सांप्रदायिक तनाव फैलाने के उद्देश्य से कोई आपत्तिजनक अथवा उकसाऊ वक्तव्य दिया गया है, तो उसके विरुद्ध प्रचलित कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी राजनीतिक, सामाजिक अथवा अन्य प्रभावशाली व्यक्ति को ऐसा वक्तव्य देने की अनुमति नहीं होनी चाहिए जिससे देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव एवं कानून-व्यवस्था को खतरा उत्पन्न हो।

अधिवक्ता अनु पंत
निवर्तमान मीडिया सह संयोजक, भाजपा उत्तराखंड

अजीत नेगी
निवर्तमान प्रदेश आईटी हेड, भाजपा उत्तराखंड

यह प्रेस विज्ञप्ति शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों एवं उनके कथनों के आधार पर जारी की जा रही है। संबंधित कथित वक्तव्य की सत्यता, पूरा संदर्भ एवं कानूनी दायित्व सक्षम जांच और विधिक प्रक्रिया के अधीन होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!