
गोल पहाड़िया के जंगल में जलाया नाबालिग का शव ग्वालियर
ग्वालियर के नवग्रह मंदिर की पहाड़ी पर 15 साल की नाबालिग से दरिंदगी, सौदेबाजी और फिर हत्या का मामला सामने आया है। नाबालिग के प्रेमी ने अपने साथी के साथ मिलकर पहले उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, फिर उसे 50 हजार रुपये में बेचने की बातचीत करने लगा. जब लड़की ने विरोध किया तो गुस्साए प्रेमी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसका गला घोंट दिया।
घटना 28 मई की है. हत्या करने के बाद उन्होंने शव को वहीं फेंक दिया और भाग गए. पकड़े जाने के डर से आरोपी अगले दिन 29 मई को दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे और शव को पेट्रोल डालकर जला भी दिया।
नाबालिग भिंड जिले के मऊ की रहने वाली थी। वहां गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई और जब पुलिस ने संदिग्ध प्रेमी को पकड़ा तो मामले का खुलासा हुआ. पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. सोमवार (1 जून) को पुलिस ने मौके से नाबालिग का जला हुआ शव बरामद किया.

जंगल में जांच करती पुलिस टीम
प्रेम प्रसंग का प्रलोभन देकर 'बुलेट' पर ग्वालियर लाए जनकगंज थाने से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाबालिग छात्रा का उसी इलाके में रहने वाले रामू गुर्जर से प्रेम प्रसंग था। 28 मई को रामू गुर्जर नाबालिग को बहला फुसलाकर अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर ग्वालियर ले आया। इस साजिश में रामू का दूसरा साथी अरुण भी शामिल था.
सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसे 50 हजार में बेचने की योजना थी आरोपी रामू गुर्जर और अरुण नाबालिग को जनकगंज थाना क्षेत्र में नवग्रह मंदिर के ऊपर पहाड़ी पर एक सुनसान जगह पर ले गए। यहां दोनों आरोपियों ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जब नाबालिग ने विरोध किया तो उसे पीटा गया. वह रोने लगी और घर ले जाने के लिए कहने लगी।
दरिंदगी तब चरम पर पहुंच गई जब गैंग रेप के बाद मुख्य आरोपी रामू गुर्जर अपनी ही प्रेमिका को अपने साथी अरुण को 50 हजार रुपये में बेचने की बातचीत करने लगा. जब नाबालिग ने अपनी आंखों के सामने अपनी इज्जत का सौदा होते देखा तो वह चिल्लाई और जोरदार विरोध करते हुए शोर मचाने की कोशिश की।

फोरेंसिक एक्सपर्ट कोकसिंह घटनास्थल पर जांच कर रहे हैं
गला दबाकर हत्या कर अगले दिन शव को पेट्रोल डालकर जला दिया गया नाबालिग के विरोध से गुस्साए रामू गुर्जर और अरुण ने मिलकर पहाड़ी पर ही मासूम बच्ची का गला घोंट दिया. उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद आरोपी ने शव को झाड़ियों में छिपा दिया और भाग गया.
हत्या के अगले दिन 29 मई को आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई. इस बार रामू और अरुण अपने एक अन्य साथी गौरव कुशवाह के साथ फिर नवग्रह मंदिर पहाड़ी पर पहुंचे।
आरोपियों ने पहचान छुपाने और सबूत मिटाने की नियत से पीड़िता के शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. शव को आधा जलाने के बाद तीनों आरोपी शहर से भाग गये.
कॉल रिकॉर्ड पेश किए गए तो प्रेमी टूट गया इस बीच नाबालिग को घर से गायब देख परेशान परिवार ने मऊ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. परिवार ने पुलिस को रामू गुर्जर पर संदेह जताया था क्योंकि वह अक्सर लड़की के आसपास देखा जाता था।
ग्वालियर और मऊ थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए संदिग्ध रामू गुर्जर को हिरासत में ले लिया. पहले तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की और कॉल रिकॉर्ड पेश किए तो वह टूट गया और पहाड़ी पर सामूहिक दुष्कर्म, सौदेबाजी और हत्या की पूरी खौफनाक कहानी बयान कर दी।
सीएसपी बोले- आरोपी हिरासत में, पहाड़ी से जुटाए साक्ष्य
सीएसपी लश्कर किरण अहिरवार ने बताया- आरोपी रामू गुर्जर द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर जनकगंज पुलिस टीम नवग्रह मंदिर के ऊपर स्थित पहाड़ी पर पहुंची, जहां से मृतक का आंशिक रूप से जला और क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया है।
पिता अपनी बेटी के लौटने का इंतजार करते रहे
पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी घर से बाहर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी. जब परिवार ने आस-पास तलाश शुरू की तो घर से कुछ गहने और नकदी भी गायब मिली. इसके बाद अगले दिन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई.
बाद में जब परिवार को अपनी बेटी की हत्या की सूचना मिली तो वे सदमे में आ गए. पिता ने कहा कि जिस बेटी को उन्होंने बड़े प्यार से पाला, उसी बेटी को आरोपियों ने बेरहमी से मार डाला. उन्होंने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है.








