
चित्रकूट : कहते हैं कि बुढ़ापे में माता-पिता के सबसे बड़े सहारे उनके बेटे होते हैं.लेकिन जब वही बेटे उन्हें बेसहारा छोड़ दें, तो बुजुर्गों की जिंदगी एक संघर्ष बन जाती है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से सामने आया है, जहां एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला ननकई अपने ही बेटे के खिलाफ दो दिन से भूख हड़ताल पर बैठी हैं.
बेटे ने मुझे ठगा अब भीख मांगने को मजबूर हूं
आप को बता दे कि पूरा मामला चित्रकूट जिले के मऊ थाना क्षेत्र के ताड़ी गांव का है.जहां की रहने वाली बुजुर्ग महिला ननकई अपने ही बेटे की शिकायत लेकर जिला मुख्यालय के तहसील के पास भूख हड़ताल में दो दिन से बैठी है.महिला का आरोप है कि उसके बेटे ने उसकी सारी संपत्ति बेच दी और उसका पैसा भी हड़प गया है. और बुर्जुग महिला सड़कों पर भीख मांग कर अपना गुजारा करने को मजबूर हो गई है. उसका कहना है इसकी शिकायत उसने कई बार अधिकारियों से की पर सुनवाई न होने कारण उसकी मजबूरन अपने परिवार के साथ भूख हड़ताल में बैठना पड़ा है.
बुजुर्ग महिला ननकई ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैंने अपने बेटे मंगल निषाद को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसकी हर जरूरत पूरी की लेकिन आज उसी ने मुझे धोखा दिया.उसने मेरी ज़मीन बेच दी और मुझे एक पैसे का हक तक नहीं दिया. अब मैं दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हूं.
वृद्ध महिला ने आगे की जानकारी में बताया कि उसके बेटे मंगल ने न केवल उसकी ज़मीन बेच दी, बल्कि उससे मिलकर जमीन के क्रेता से रकम भी हड़प ली.अब वह अपनी माँगों के लिए दर-दर की ठोकर खा रही है.और वह भीख मांगकर जीवन यापन करने को मजबूर हैं.
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
ननकई का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. जब मेरी आवाज़ कोई नहीं सुन रहा था, तब मुझे मजबूरी में भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा.
मां की मांग मुझे मेरा हक चाहिए
ननकई का साफ कहना है कि वह अपने बेटे से कोई सहारा नहीं चाहतीं, बस अपनी संपत्ति से मिली रकम वापस चाहिए ताकि वह अकेले अपना जीवन यापन कर सकें।