

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन कर्मस्थली पवित्र नगरी चित्रकूट धाम में योगेश्वर श्री कृष्ण का पावन जन्माष्टमी पर्व पर पूरी आस्था, श्रृद्धा और विश्वास के साथ लगातार दो दिन शनिवार और रविवार को मनाया जाएगा।गौर तलब है कि जहां श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा और श्री कृष्ण की लीला भूमि वृन्दावन में आज शनिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जा रहा है,तो वहीं चित्रकूट स्थित सर्वाधिक प्राचीन बांके बिहारी जी मंदिर में भी शनिवार को ही श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जा रहा है।ऐसी मान्यता है कि चित्रकूट स्थित श्री बांके बिहारी जी मंदिर में श्री सूरदास जी महाराज को भगवान श्री कृष्ण ने दर्शन दिया था। और उन्हें वृन्दावन धाम जाकर भजन करने के लिए प्रेरित किया था।श्री कृष्ण प्रगटोत्सव पर्व के लिए मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। शॉन्यकाल रात्रि नौ बजे नित्य आरती के बाद रात्रि बाहर बजे प्रगटोत्सव महाआरती के बाद भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाएगा।जबकि चित्रकूट में ही आश्रम और अखाड़ों से जुड़े प्राचीन मंदिरों में कल रविवार को रोहिणी नक्षत्र में जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा।अखाड़ों से जुड़े साधू संतों की मान्यता के अनुसार भगवान श्री कृष्ण का प्रगटोत्सव रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।इसीलिए अखाड़ों से जुड़े साधू संत रोहिणी नक्षत्र युक्त जन्माष्टमी पर्व मनाते हैं।








