

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट में सावन के पहले सोमवार पर आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
चित्रकूट सावन के पहले सोमवार पर चित्रकूट का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया। सुबह चार बजे से ही मतगजेंद्र नाथ मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। यह वही अनोखा शिवधाम है, जहां एक साथ चार शिवलिंग विराजमान हैं। मान्यता है कि स्वयं भगवान ब्रह्मा ने यहां शिवलिंग की स्थापना कर सृष्टि के प्रारंभ का पूजन किया था।
मंदाकिनी तट पर स्नान कर श्रद्धालुओं ने गंगाजल और मंदाकिनी जल से भगवान शंकर का अभिषेक किया। इसके बाद भक्तों ने कामदगिरि की परिक्रमा शुरू की। मंदिर के पुजारी प्रदीप महाराज ने बताया कि सोमवार तड़के से ही लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़े।
भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए। अपर पुलिस अधीक्षक सत्यपाल ने बताया कि रविवार को मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से घाटों पर भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया था। पुलिस प्रशासन और नगर पंचायत ने रातभर सफाई अभियान चलाया, ताकि किसी को असुविधा न हो।
एडीएम उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि इस ऐतिहासिक मंदिर में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से भक्त जल चढ़ाने पहुंचते हैं। कांवर यात्रा के तहत भी हजारों कांवरिया जल लेकर यहां दर्शन करने आए हैं। एडीएम ने कहा, “श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भी नदी में तैनात किया गया है। सभी व्यवस्था पूरी तरह सुचारु है और श्रद्धालु शांतिपूर्वक पूजा कर रहे हैं।”
सावन के पहले सोमवार पर चित्रकूट में आस्था का जनसैलाब उमड़ा और हर तरफ “हर हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे।









