
झाड़फूंक के बहाने सजातीय महिला से दुराचार-
त्वरित न्यायालय ने सुनाया निर्णय
चित्रकूट झाड़फूक के बहाने सजातीय महिला के साथ दुराचार करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायालय में आरोपी तांत्रिक को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 17,000 रुपये अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि बीती 28 मई 2021 को पहाड़ी थाने में अनुसूचित जाति की एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार बीती 27 मई 2021 को उसका पेट दर्द कर रहा था। जिस पर उसकी सास ने तौरा गांव के बाबा ननकू पंडा के यहां झाड़फूंक कराने के लिए देवर के साथ भेजा था। दोपहर के समय वह ननकू पंडा के यहां पहुंची थी। जिसके बाद तांत्रिक ननकू ने उसके देवर को नींबू लाने के बहाने बाहर भेज दिया। देवर के बाहर जाने के बाद तांत्रिक ने उसे अंदर के कमरे से पानी लाने के लिए कहा और पीछे से आकर उसे धक्का दकर बेड पर गिरा दिया।
इसके बाद जबरन उसके साथ दुराचार किया। इस दौरान उसकी हालत खराब होने पर तांत्रिक डर गया और बाल पकड़कर उसे चैरी के पास लेकर जाकर झाड़फूंक करने लगा। साथ ही उसे धमकाया कि घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मार देगा। घर जाने पर पीड़िता ने मामले की जानकारी परिजनों को दी।
जिसके बाद परिजन आरोपी ननकू पंडा के घर गए, किंतु वह अंदर से बाहर नहीं निकला। जिसके बाद पीड़िता ने मामले की रिपोर्ट पहाड़ी थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के दो दिन बाद ही आरोपी को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने इस मामले में निर्णय सुनाया।
जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी ननकू पंडा को 10 वर्ष सश्रम कारावास के साथ 17,000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई।








