आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत सुकमा जिला प्रशासन की अनूठी पहल, उमड़ा जनसैलाब
रायपुर, 24 मई 2026
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से सुकमा जिला प्रशासन द्वारा निरंतर अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री अमित कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में, नीति आयोग के तत्वावधान में शनिवार को आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत छिंदगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत तालनार और गुमा में विशेष जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। सूचना एवं प्रसारण के पारंपरिक और प्रभावशाली माध्यम कला जत्था के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरल और सहज भाषा में योजनाओं का प्रचार-प्रसार
अभियान के दौरान कला जत्था के स्थानीय कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक, प्रेरक गीतों और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया। इन आकर्षक और मनोरंजक प्रस्तुतियों के जरिए। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता बुनियादी आवश्यकता के महत्व को रेखांकित किया गया। रोजगार मूलक योजनाओं और शासन की अन्य जनहितकारी नीतियों की जानकारी ग्रामीणों को उनकी अपनी सरल व सहज भाषा में दी गई। इस जीवंत माध्यम का असर यह हुआ कि ग्रामीणों में शासकीय योजनाओं के प्रति गहरा कौतूहल और उत्साह देखा गया, तथा कई लोगों ने मौके पर ही योजनाओं का लाभ उठाने की इच्छा जताई।
चौपाल पर सीधा संवाद, जनभागीदारी ही विकास की ताकत
इस अवसर पर उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद (इंटरैक्शन) किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी स्थानीय समस्याओं, आवश्यकताओं और मांगों की बारीकी से जानकारी ली। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी समस्याओं का समय-सीमा के भीतर त्वरित निराकरण किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जनभागीदारी ही किसी भी क्षेत्र के स्थायी विकास की सबसे बड़ी ताकत है।
नियमित आयोजनों की उठी मांग
कार्यक्रम के समापन पर कला जत्था की सामूहिक और ऊर्जावान सांस्कृतिक प्रस्तुति ने पूरे वनांचल परिवेश को उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। जिला प्रशासन की इस संवेदनशील और जनहितैषी पहल की सराहना करते हुए तालनार और गुमा के ग्रामीणों ने मांग की कि अंदरूनी अंचलों में ऐसे सूचनाप्रद कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से किया जाना चाहिए।





