अनिकेत राय, मानव, विवेक शर्मा| जालंधर9 मिनट पहले

बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मिकी समाज का गुस्सा चरम पर है. घटना से नाराज विभिन्न वाल्मिकी संगठनों ने सर्वसम्मति से आज (27 जुलाई) पंजाब बंद का आह्वान करने का फैसला किया है.
इसे देखते हुए जालंधर में कई स्कूल बंद कर दिए गए हैं. एमजीएन स्कूल, सेठ हुकम चंद स्कूल, इनोसेंट हार्ट स्कूल और शिव ज्योति स्कूल के बच्चों को स्कूल बंद होने के संदेश मिले हैं। इसका पालन करते हुए बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है।
वाल्मिकी समाज के प्रतिनिधियों ने आम जनता, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न वर्गों से एकजुट होकर इस बंद का समर्थन करने और उनके संघर्ष में उनके साथ खड़े होने की अपील की है.
इस दौरान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और परिवहन बंद रहेंगे। हालांकि, अभी तक किसी एसोसिएशन ने बंद को समर्थन देने की पुष्टि नहीं की है.
बता दें कि 22 जुलाई को बरनाला में प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था. इसके बाद पंजाब सरकार ने कार्रवाई करते हुए बरनाला के डीएसपी को सस्पेंड कर दिया.
इसके बाद भी वाल्मिकी समाज का गुस्सा कम नहीं हुआ है. उन्होंने अब 2 नई मांगें भी सामने रखी हैं.
स्कूलों की ओर से अभिभावकों को भेजा गया यह संदेश…

वाल्मिकी समाज की 2 प्रमुख मांगें
- वाल्मिकी समाज के नेताओं का कहना है कि बरनाला घटना के बाद से पूरे समाज में गहरा गुस्सा और नाराजगी है. समुदाय ने पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है.
- इसके अलावा उनकी मांग है कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और प्रभावित सफाई कर्मचारियों को बिना किसी देरी के न्याय दिलाया जाए.

वाल्मिकी समुदाय के लोगों ने बंद का आह्वान किया है और समर्थन की अपील की है.
शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध की अपील
पंजाब बंद के मद्देनजर राज्य के विभिन्न जिलों में धरना-प्रदर्शन और शांतिपूर्ण रैलियों की तैयारियां जोरों पर हैं. प्रदर्शन के आयोजकों ने सभी समर्थकों और आम जनता से आंदोलन के दौरान पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रुख अपनाने की अपील की है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन का उद्देश्य अपनी आवाज उठाना है, इसलिए कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि आम जनता को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े.
बरनाला में लाठीचार्ज की 3 तस्वीरें

पुलिस ने सफाई कर्मियों पर लाठीचार्ज किया था.

लाठीचार्ज का विरोध करने पर पुलिस ने महिलाओं को भी नहीं बख्शा.

बरनाला में पुलिस ने महिलाओं पर भी लाठीचार्ज किया था.
बरनाला में क्या हुआ, जानिए…
- विवाद का कारण: सफाई कर्मचारी स्थायी नौकरी, वेतन वृद्धि और पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर 8 जुलाई से हड़ताल पर थे। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद जब बरनाला नगर निगम और जिला प्रशासन ने 22 जुलाई को पुलिस सुरक्षा के तहत शहर से कूड़ा हटाने का अभियान शुरू किया, तो हड़ताली सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
- पुलिस लाठीचार्ज: इस टकराव के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए कथित तौर पर लाठीचार्ज और अत्यधिक बल का प्रयोग किया. इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसमें महिला सफाई कर्मियों के साथ मारपीट और बदसलूकी भी दिखाई दी.
- सरकारी कार्रवाई: व्यापक राजनीतिक आलोचना और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) और एससी आयोग के हस्तक्षेप के बाद, पंजाब के डीजीपी ने पटियाला रेंज से एक रिपोर्ट मिलने पर डीएसपी सतवीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए।
- राजनीतिक विरोध भड़क उठा: इस घटना को लेकर बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) जैसी विपक्षी पार्टियों ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरा है.
- नेताओं का आरोप है कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों को सुनने के बजाय लाठीचार्ज कर रही है. इस लाठीचार्ज की घटना के विरोध में पंजाब के कई अन्य शहरों में भी सफाई संगठन आक्रोशित हैं और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (एफआईआर) की मांग कर रहे हैं.








