
फ्लाईदुबई की उड़ान को निशाना बनाए जाने की ताजा घटना के बाद पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए एक सीधा और सख्त संदेश जारी किया है। नेतन्याहू ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि इस हमले की साजिश रचने और इसे अंजाम देने वाले किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे और इसके पीछे जो भी ताकतें जिम्मेदार हैं, उन्हें इसकी अत्यंत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। तेल अवीव में शीर्ष सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों के साथ आपातकालीन समीक्षा बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह कड़ा बयान जारी किया।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को केवल एक एयरलाइन या देश के खिलाफ हमला मानने से इनकार करते हुए इसे वैश्विक नागरिक उड्डयन सुरक्षा पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक उड़ानों और निर्दोष नागरिकों की आवाजाही को खतरे में डालना अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन और अस्वीकार्य कृत्य है। इजरायली सुरक्षा तंत्र इस घटना के हर पहलू पर पैनी नजर बनाए हुए है और खुफिया एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस हमले के तार, इस्तेमाल किए गए हथियारों या तकनीकों और इसमें शामिल आतंकी संगठनों या क्षेत्रीय ताकतों की सटीक शिनाख्त करें।
इस घटना के तुरंत बाद पूरे मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र के हवाई गलियारों में सुरक्षा समीक्षा तेज कर दी गई है। विभिन्न एविएशन अथॉरिटीज और सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित रूट्स पर उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। इजरायली रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नागरिक उड़ानों को निशाना बनाने की यह कोशिश क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हो सकती है। नेतन्याहू के सख्त बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि इजरायल इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और आवश्यकता पड़ने पर कड़े कूटनीतिक व रणनीतिक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
यरूशलम ने वैश्विक समुदाय, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) से भी इस गंभीर घटना का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। नेतन्याहू ने अपने संबोधन में यह भी रेखांकित किया कि अगर नागरिक विमानन पर इस तरह के हमलों को नजरअंदाज किया गया, तो यह भविष्य के लिए एक बेहद खतरनाक मिसाल कायम कर देगा। उन्होंने सहयोगी देशों और अंतरराष्ट्रीय मंचों से ऐसे तत्वों के खिलाफ एकजुट होकर ठोस प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने का आह्वान किया है, ताकि वैश्विक हवाई यात्रा की सुरक्षा और यात्रियों का विश्वास बहाल रह सके।









