बिहान योजना से बदली किस्मत- बकरी पालन ने उदकुंवर भानु को बनाया लखपति दीदी

 रायपुर, 27 मई 2026

बकरी पालन ने उदकुंवर भानु को बनाया लखपति दीदी’

छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक और सामाजिक बदलाव का एक बड़ा माध्यम साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के कारण ग्रामीण महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। इसी कड़ी में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेण्ड्रा विकासखण्ड के ग्राम कोडगार की रहने वाली उदकुंवर भानु आज एक सफल व्यवसाय संचालित कर “लखपति दीदी” बन चुकी हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन उनकी लगन की खुले दिल से सराहना की।
मजदूरी से लखपति दीदी तक का सफर
कभी मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाली उदकुंवर भानु के पास आय का कोई स्थायी जरिया नहीं था। कम शिक्षा और सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और वर्ष 2017 में बिहान योजना के तहत जय मां संतोषी महिला स्व सहायता समूह से जुड़ गईं। योजना के तहत वित्तीय साक्षरता का प्रशिक्षण लेकर वे आर्थिक रूप से जागरूक हुईं। इसके बाद उन्होंने सामुदायिक निवेश निधि से 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता लेकर मात्र 5 बकरियों से अपना काम शुरू किया। पहली सफलता से उत्साहित होकर उन्होंने 15 हजार रुपये का अतिरिक्त ऋण लिया और व्यवसाय को बड़ा रूप दिया।
बिहान मिशन की पशु सखी से मिले प्रशिक्षण की मदद से उन्होंने बकरियों के बेहतर प्रबंधन, पोषण और उपचार के गुर सीखे। उदकुंवर भानु के पास आज 29 बकरियां हैं, जिन्हें स्थानीय बाजारों में बेचकर वे सालाना एक लाख रुपये से अधिक की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। भविष्य में वे अब मुर्गी पालन व्यवसाय शुरू करने की भी तैयारी में हैं।
’कलेक्टर ने घर पहुंचकर की सराहना’
उदकुंवर की इस असाधारण मेहनत और आत्मनिर्भरता की कहानी जब जिला प्रशासन तक पहुंची, तो जिले के कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन स्वयं उनसे मिलने उनके कार्यस्थल और घर पहुंचे। कलेक्टर ने उनके गोटरी फार्म (बकरी पालन केंद्र) का अवलोकन किया और उनकी लगन की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है, बल्कि उनमें गजब का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी पैदा कर रही है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने भी उदकुंवर की इस उपलब्धि को महिला सशक्तिकरण का एक बेजोड़ और प्रेरणादायी उदाहरण बताया है। शासन के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई और मजबूत दिशा मिल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R No. 13783/ 86

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!