
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में मिलावटी शराब का खेल, आबकारी विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे मे
मनेंद्रगढ़। चिरमिरी-भरतपुर जिले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली से आम जनता के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है। चैनपुर स्थित शराब भट्टी में खुलेआम निजी कर्मचारियों को रखकर मिलावटी शराब का खेल धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। यहां बड़ी मात्रा में अलग से शराब तैयार की जा रही है, जिससे एक ओर सरकार के राजस्व को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अधिक लाभ कमाने के लिए आम जनता के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।
मिलावटी शराब का सेवन करने वालों के स्वास्थ्य पर इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है। यह शराब न केवल शरीर में कई प्रकार के विकार उत्पन्न कर रही है, बल्कि लोगों को गंभीर बीमारियों की चपेट में भी ला रही है। जिले में शराबखोरी का यह गोरखधंधा दरौली से संचालित हो रहा है, और अब आम भट्ठियों में मिलावटी शराब मिलना आम बात हो गई है।
जब इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी शशिकला पैकरा से बात की गई, तो उन्होंने कहा, “मेरे द्वारा जांच कराई जा रही है, अभी लंच का टाइम है और मैं आपको समय नहीं दे सकती,” कहकर उन्होंने फोन काट दिया। यह रवैया दर्शाता है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं।
गौरतलब है कि मिलावटी शराब का यह खेल कोई नया नहीं है। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आ चुके हैं, जिसमें शराब की गुणवत्ता और उसमें मिलावट को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसके बावजूद आबकारी विभाग की निष्क्रियता ने शराब प्रेमियों को संकट में डाल दिया है। वे अनजाने में मिलावटी शराब का सेवन कर अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
जहां एक ओर सरकार को आर्थिक हानि हो रही है, वहीं दूसरी ओर आमजन के जीवन से समझौता किया जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिले में बिक रही इस जहरीली शराब पर कब कार्रवाई होती है और कब जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्ती की जाती है। फिलहाल, ऐसा प्रतीत होता है कि आबकारी विभाग की छत्रछाया में मिलावटी शराब का यह खतरनाक खेल बदस्तूर जारी है।









