
पीड़िता ने इशारों में कोर्ट को बताई थी आपबीती
चित्रकूट : मूक बधिर युवती के साथ दुराचार करने के मामले में आरोपी को न्यायालय ने 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 35,000 रुपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि बीती 11 दिसम्बर 2014 को सीतापुर निवासी एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस को दी गई तहरीर में शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी मौसेरी बहन मूक बधिर है। बीती चार दिसम्बर 2014 को मोहल्ले के ही रहने वाले नरेन्द्र जोगी ने अपनी पत्नी जीजन बाई के जरिए रामघाट में उसकी बहन को गुटखे में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। जिसके कारण वह नशे में आ गई। इसके बाद दोनों उसे परिक्रमा कराने के बहाने कार में ले गए तथा उसके साथ दुराचार किया। वहां से लौटने के बाद पीड़िता ने इशारों में अपनी मां को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
इसके बाद मां ने मामले की सूचना परिवार के अन्य सदस्यों को दी। अनुवादक के जरिए पीड़िता के द्वारा इशारे से दिए गए बयान को न्यायालय में दर्ज कराया गया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी नरेन्द्र जोगी को गिरफ्तार कर लिया था।
इसके बाद आरोपी और उसका सहयोग करने वाली महिला के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को त्वरित न्यायालय की अपर जिला जज नीलू मैनवाल ने इस मामले में निर्णय सुनाया।
जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी नरेन्द्र जोगी को 10 वर्ष कठोर कारावास के साथ 35,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इस मामले में आरोपी का सहयोग करने वाली महिला जीजन बाई घटना के बाद से अभी तक फरार चल रही है।








