October 30, 2026 5:50 am

BREAKING NEWS

राष्ट्रीय लोक अदालत में जीपीएम ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की

रायपुर, 12 सितंबर 2026

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार जिले के राजस्व न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 2 लाख 53 हजार 365 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 2 लाख 52 हजार 967 प्रकरणों का निराकरण किया गया। बड़ी संख्या में लंबित मामलों के समाधान से आम नागरिकों को राहत मिली है।

राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकृति के राजस्व प्रकरणों का पक्षकारों की सहमति, आपसी सुलह और सरल प्रक्रिया के जरिए निराकरण किया गया। इस पहल से लंबे समय से लंबित मामलों को गति मिली और पक्षकारों को अनावश्यक न्यायिक प्रक्रिया से राहत प्राप्त हुई।

बंटवारे और नामांतरण के मामलों में भी प्रभावी निराकरण

राष्ट्रीय लोक अदालत में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे से संबंधित 23 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 22 का निराकरण किया गया। इसी प्रकार वारिसों के मध्य बंटवारे के 19 में से 18 तथा कब्जे के आधार पर बंटवारे के 7 में से 6 प्रकरणों का समाधान किया गया।

धारा 145 की कार्यवाही से संबंधित सभी 10 प्रकरणों का निराकरण किया गया। वहीं रेंट कंट्रोल एक्ट का 1 प्रकरण भी पूरी तरह निराकृत हुआ। विक्रय पत्र, दानपत्र एवं वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण से संबंधित 73 में से 72 प्रकरणों का निराकरण किया गया।

अन्य प्रकृति के 2,139 और अन्य विभागों के 2.50 लाख से अधिक प्रकरण निराकृत

आंकड़ों के अनुसार अन्य प्रकृति के कुल 2,152 प्रकरणों में से 2,139 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसके अलावा अन्य विभागों से संबंधित 2 लाख 51 हजार 80 प्रकरण राष्ट्रीय लोक अदालत में रखे गए थे, जिनमें से 2 लाख 50 हजार 699 प्रकरणों का निराकरण किया गया।

त्वरित और सरल न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों को आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से त्वरित, सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। जीपीएम जिले में बड़ी संख्या में राजस्व प्रकरणों के निराकरण से न केवल नागरिकों को लंबित मामलों से राहत मिली, बल्कि राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के बोझ को कम करने में भी महत्वपूर्ण मदद मिली है।

जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत की यह उपलब्धि न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुगम, प्रभावी और जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। लोक अदालत के माध्यम से हुए निराकरण से पक्षकारों के बीच आपसी सहमति को बढ़ावा मिलने के साथ ही समय और संसाधनों की बचत भी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!