
रीवा के चोरहटा स्थित मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के गोदाम में सोमवार रात आग लग गई। कुछ दिन पहले ही इस गोदाम से करीब 35 लाख रुपये कीमत की पाठ्यपुस्तकों के 450 बंडल गायब होने का मामला सामने आया था.
चोरहटा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी और मामले की जांच के लिए भोपाल से विशेष जांच टीम रीवा आने की तैयारी कर रही थी. हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही गोदाम में आग लग गई और बड़ी संख्या में बची हुई किताबें भी जलकर राख हो गईं.
ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि जिन किताबों के स्टॉक का मिलान करना था और जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ानी थी, उन्हें नष्ट करने के बाद जांच टीम अपनी जांच के लिए किन सबूतों पर भरोसा करेगी।
धुआं और आग की लपटें देखकर रहवासियों ने फायर ब्रिगेड को फोन किया
जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात करीब 8:45 बजे स्थानीय निवासियों ने गोदाम के शटर से धुआं और आग की लपटें निकलती देख फायर ब्रिगेड और प्रशासन को सूचना दी.
फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक लाखों रुपये की पाठ्यपुस्तकें जल चुकी थीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, किताबों के 25 बंडल पूरी तरह जल गए, जबकि 25 बंडल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। बड़ी संख्या में अन्य पुस्तकें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
इसी गोदाम से रीवा और शहडोल संभाग के 9 जिलों में स्कूली पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाना था। पहले किताबों के 450 बंडल चोरी होने और अब बचे हुए स्टॉक के आग की भेंट चढ़ने से हजारों छात्रों तक समय पर किताबें पहुंचाने का संकट खड़ा हो गया है.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले चोरहटा थाना पुलिस ने गोदाम से करीब 36 लाख रुपये कीमत की 450 बंडल किताबों के गायब होने की पुष्टि की थी.
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भोपाल से एक टीम जांच के लिए आने की तैयारी में थी। ऐसे में जांच शुरू होने से पहले ही गोदाम में आग लगने के समय को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, आग लगने के कारणों के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
मौके पर पहुंचे हुजूर एसडीएम डॉ. अनुराग तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट लग रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जाएगी। निरीक्षण के दौरान गोदाम में सुरक्षा मानकों की लापरवाही भी सामने आई।
सुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर उठे सवाल
नियमानुसार अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे, पुस्तकों के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी तथा विद्युत फिटिंग में भी खामियां पाई गईं।
गोदाम किराए पर लिया गया था, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना संबंधित संचालक की जिम्मेदारी थी। संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।









