September 28, 2026 7:56 pm

सीनियर सिटीजन्स की बल्ले-बल्ले: 666 दिन की स्पेशल FD पर 7.50% तक बंपर ब्याज, जानें कौन से बैंक दे रहे हैं सबसे ज्यादा फायदा

नई दिल्ली। सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद नियमित आय और पूंजी की सुरक्षा हर बुजुर्ग नागरिक की पहली प्राथमिकता होती है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और म्यूचुअल फंड के जोखिम से दूर रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से सबसे भरोसेमंद निवेश विकल्प रहा है। सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले बुजुर्गों के लिए सार्वजनिक और प्रमुख शेड्यूल्ड बैंकों की ‘666 दिन’ की स्पेशल टर्म डिपॉजिट स्कीम (Special FD Scheme) काफी लोकप्रिय हो रही है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और अन्य प्रमुख बैंक 666 दिनों की विशेष परिपक्वता अवधि वाली एफडी पर वरिष्ठ और अति वरिष्ठ (सुपर सीनियर) नागरिकों को 7.00% से लेकर 7.50% तक का आकर्षक वार्षिक ब्याज ऑफर कर रहे हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट को स्थिर रखे जाने के बाद अधिकांश बैंकों ने 1 से 3 साल की मध्यम अवधि वाली विशेष अवधियों (Special Tenures जैसे 444 दिन, 666 दिन) पर ब्याज दरों को शीर्ष स्तर पर रखा है। इसका मुख्य उद्देश्य बैंक में मध्यम अवधि के लिए खुदरा जमा (Retail Deposits) को आकर्षित करना है। यदि आप भी अपने माता-पिता, दादा-दादी या स्वयं के लिए सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाली योजना की तलाश में हैं, तो 666 दिन की यह विशेष एफडी स्कीम आपकी बचत को तेजी से बढ़ाने का मजबूत जरिया बन सकती है।

बैंकों द्वारा 666 दिनों की अवधि पर सामान्य नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों और सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए अलग-अलग ब्याज दर स्लैब निर्धारित किए गए हैं:

  • सामान्य नागरिक (60 वर्ष से कम): 666 दिन की सामान्य एफडी पर ग्राहकों को लगभग 6.50% से 6.60% तक का ब्याज मिलता है।

  • वरिष्ठ नागरिक (60 से 79 वर्ष): वरिष्ठ नागरिकों को बैंक सामान्य दरों की तुलना में 50 बेसिस प्वाइंट्स (0.50%) का अतिरिक्त ब्याज देते हैं। इसके तहत 666 दिन की एफडी पर उन्हें 7.00% से 7.10% प्रति वर्ष तक का रिटर्न मिलता है।

  • अति वरिष्ठ नागरिक (80 वर्ष या उससे अधिक): सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए बैंक 30 से 50 बेसिस प्वाइंट्स का और अतिरिक्त लाभ जोड़ते हैं, जिससे उनकी प्रभावी ब्याज दर 7.30% से 7.50% तक पहुंच जाती है।

  • पूर्व कर्मचारी वरिष्ठ नागरिक (Ex-Staff Senior Citizens): यदि कोई वरिष्ठ नागरिक संबंधित बैंक का सेवानिवृत्त कर्मचारी है, तो उसे 100 से 150 बेसिस प्वाइंट्स तक का अतिरिक्त स्टाफ प्रिविलेज मिलता है, जिससे ब्याज दर 7.50% के स्तर को भी पार कर जाती है।

इस विशेष सावधि जमा योजना का लाभ उठाने के लिए बैंक द्वारा कुछ बुनियादी पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं:

  • आयु सीमा: वरिष्ठ नागरिक श्रेणी का लाभ पाने के लिए खाताधारक की आयु खाता खोलते समय न्यूनतम 60 वर्ष पूरी होनी चाहिए। सुपर सीनियर सिटीजन श्रेणी के लिए आयु 80 वर्ष या उससे अधिक होनी अनिवार्य है।

  • निवासी भारतीय: यह योजना मुख्य रूप से सभी व्यक्तिगत निवासी भारतीयों (Resident Individuals) के लिए उपलब्ध है।

  • जमा राशि की सीमा: 666 दिनों की यह खुदरा ब्याज दर ₹2 करोड़ से ₹3 करोड़ तक की कुल जमा राशि पर लागू होती है।

  • संयुक्त खाता (Joint Account): यदि पति-पत्नी मिलकर संयुक्त खाता खोलते हैं, तो पहले खाताधारक (Primary Account Holder) की आयु 60 वर्ष से अधिक होने पर ही खाते पर वरिष्ठ नागरिक की बढ़ी हुई ब्याज दर लागू होगी।

बुजुर्गों की वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बैंकों ने इस योजना में ब्याज भुगतान के कई सुविधाजनक विकल्प दिए हैं:

  • क्युमुलेटिव विकल्प (Cumulative / Reinvestment): जो लोग तुरंत पैसों की जरूरत नहीं रखते, वे क्युमुलेटिव विकल्प चुन सकते हैं। इसमें ब्याज हर तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) होकर मूलधन में जुड़ता रहता है और 666 दिन पूरे होने पर मैच्योरिटी पर एकमुश्त बड़ी रकम मिलती है।

  • गैर-क्युमुलेटिव विकल्प (Monthly / Quarterly Payout): जिन पेंशनभोगियों या बुजुर्गों को दवा, राशन और घरेलू खर्चों के लिए हर महीने या हर तीन महीने पर नियमित आय चाहिए, वे मंथली या क्वार्टरली इनकम प्लान चुन सकते हैं। इससे ब्याज का पैसा सीधे उनके बचत खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर मिलने वाले ब्याज को लेकर आयकर विभाग (Income Tax Department) के विशेष नियमों की जानकारी होना आवश्यक है:

  • धारा 80TTB के तहत ₹50,000 की छूट: आयकर अधिनियम की धारा 80TTB के तहत वरिष्ठ नागरिकों को एक वित्तीय वर्ष में बैंक और पोस्ट ऑफिस की जमा राशियों (एफडी व सेविंग्स) से होने वाली कुल ब्याज आय पर ₹50,000 तक की सीधी टैक्स छूट प्राप्त होती है।

  • टीडीएस कटौती की सीमा: यदि किसी वित्तीय वर्ष में वरिष्ठ नागरिक की कुल ब्याज आय ₹50,000 से अधिक होती है, तो बैंक 10% की दर से टीडीएस (TDS) काटते हैं।

  • फॉर्म 15H जमा कर टीडीएस से बचें: यदि बुजुर्ग व्यक्ति की कुल वार्षिक आय टैक्स छूट की बुनियादी सीमा से कम है और उस पर कोई आयकर देनदारी नहीं बनती, तो वह वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बैंक शाखा में ‘फॉर्म 15H’ (Form 15H) भरकर जमा कर सकता है, जिससे बैंक ब्याज पर कोई टीडीएस नहीं काटेगा।

666 दिन की इस विशेष सावधि जमा योजना में निवेश करने की प्रक्रिया बेहद सरल है:

  • घर बैठे मोबाइल ऐप और नेट बैंकिंग: यदि आपका खाता पहले से बैंक में है, तो आप बैंक के मोबाइल ऐप (जैसे PNB ONE) या इंटरनेट बैंकिंग में लॉगिन करें। वहां ‘Fixed Deposit / Term Deposit’ सेक्शन में जाएं, ‘Open FD’ पर क्लिक करें, अवधि में ‘666 Days’ चुनें और अपना पसंदीदा भुगतान विकल्प चुनकर 1 मिनट में एफडी बुक करें।

  • नजदीकी बैंक शाखा जाकर: नए ग्राहक अपनी नजदीकी बैंक शाखा में जाकर दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड और आयु प्रमाण पत्र देकर वरिष्ठ नागरिक स्पेशल एफडी खाता खुलवा सकते हैं।

666 दिन की यह विशेष सावधि जमा योजना उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित, तनावमुक्त और उच्च-रिटर्न वाला माध्यम है जो अपनी गाढ़ी कमाई को पूरी तरह जोखिम-मुक्त रखते हुए उस पर अधिकतम गारंटीड मुनाफा कमाना चाहते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!