September 23, 2026 12:30 pm

23 सितंबर की रात टकराएगा चक्रवाती दबाव: बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन 12 घंटों में बनेगा ‘डीप डिप्रेशन’, ओडिशा-आंध्र समेत 8 राज्यों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट

मानसून के अंतिम चरण में बंगाल की खाड़ी के ऊपर मौसम का मिजाज अचानक बेहद आक्रामक हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, पूर्व-मध्य और उससे सटी पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना डिप्रेशन (दबाव क्षेत्र) तेजी से ताकतवर होकर अगले 12 घंटों के भीतर ‘डीप डिप्रेशन’ (गहरे दबाव के क्षेत्र) में तब्दील होने वाला है। यह मौसमी तंत्र लगभग 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह चक्रवाती दबाव 23 सितंबर की देर रात से 24 सितंबर की तड़के उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटवर्ती इलाकों से टकराएगा। इसके लैंडफॉल का मुख्य दायरा विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच रहेगा, जिससे समुद्र में ऊंची लहरें उठने और 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक के तूफानी झोंके चलने की गंभीर चेतावनी दी गई है।

मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक कार्यालय द्वारा जारी अपडेट के अनुसार, समुद्र की सतह का ऊंचा तापमान और खाड़ी में मौजूद भरपूर नमी इस सिस्टम को लगातार ईंधन दे रही है। हालांकि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि तट पार करते समय यह डीप डिप्रेशन के रूप में ही रहेगा और पूर्ण चक्रवाती तूफान बनने की संभावना सीमित है, लेकिन इसका प्रभाव किसी चक्रवात से कम विनाशकारी नहीं होगा।

23 सितंबर की सुबह से ही तटीय इलाकों में 55 से 65 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनकी गति रात में लैंडफॉल के दौरान 75 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। चक्रवाती सिस्टम के तट से टकराने के दौरान समुद्र में 2 से 3 मीटर ऊंची विनाशकारी तूफानी लहरें उठने की आशंका है, जिसके चलते तटीय गांवों में समुद्र का खारा पानी घुसने का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने सभी मछुआरों को 25 सितंबर तक समुद्र में न जाने और तट पर लौटने का सख्त निर्देश दिया है।

बंगाल की खाड़ी से उठ रहे इस डीप डिप्रेशन का प्रभाव केवल तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य और पूर्वी भारत के 8 राज्यों में अगले 4 दिनों तक मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान का कहर देखने को मिलेगा:

  1. ओडिशा (रेड अलर्ट): सबसे गंभीर प्रभाव ओडिशा के दक्षिणी जिलों में देखा जाएगा। गजपति, गंजम, कोरापुट, मलकानगिरी, कालाहांडी, पुरी और रायगडा में 23 और 24 सितंबर को 200 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।

  2. आंध्र प्रदेश (तटीय क्षेत्र): विशाखापत्तनम, विजयनगरम, श्रीकाकुलम और काकीनाडा में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। तेज हवाओं के साथ तटीय जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है।

  3. पश्चिम बंगाल (ऑरेंज अलर्ट): कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के जिलों—दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, हावड़ा और हुगली में 23 से 26 सितंबर तक लगातार भारी बारिश और गरज-चमक के साथ 50 किमी/घंटे की आंधी का अलर्ट है।

  4. तेलंगाना: चक्रवाती सिस्टम जब जमीन के भीतर दाखिल होगा, तो 24 और 25 सितंबर को तेलंगाना के खम्मम, भद्राद्री कोठागुडेम और वारंगल सहित हैदराबाद में भीषण जलभराव और भारी बारिश की संभावना है।

  5. छत्तीसगढ़: बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जैसे दक्षिणी जिलों में 23 से 25 सितंबर के दौरान अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

  6. झारखंड: सिस्टम के असर से रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और दुमका में 23 से 26 सितंबर के बीच बादलों की भीषण गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strikes) के साथ भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट है।

  7. बिहार: दक्षिण और पूर्वी बिहार के भागलपुर, बांका, गया और नवादा में 24 से 27 सितंबर के बीच कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

  8. पूर्वी मध्य प्रदेश व विदर्भ (महाराष्ट्र): जबलपुर, बालाघाट और नागपुर संभाग में 24 और 25 सितंबर को डिप्रेशन के पश्चिमी अवशिष्ट के प्रभाव से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

मौसम के इस बड़े संकट को देखते हुए संबंधित राज्य सरकारों ने अपनी आपदा प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है:

  • स्कूल और कॉलेज बंद: ओडिशा सरकार ने एहतियात के तौर पर गंजम, गजपति, मलकानगिरी, खोरधा और जगतसिंहपुर जिलों में 24 सितंबर तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों व आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है।

  • अधिकारियों की छुट्टियां रद्द: दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के सभी संवेदनशील जिलों में राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग के सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

  • एनडीआरएफ और ओड्राफ (ODRAF): निचले इलाकों और नदियों के किनारे बसे गांवों से लोगों को सुरक्षित शेल्टर होम में पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल की दर्जनों टुकड़ियों को बोट्स और रेस्क्यू उपकरणों के साथ तैनात कर दिया गया है।

  • चिलिका झील में नौका सेवाएं बंद: खराब दृश्यता और उफनते पानी के कारण चिल्का झील में सतपाड़ा और जान्हिकुडा के बीच नौका सेवाएं 25 सितंबर तक पूरी तरह निलंबित कर दी गई हैं।

नागरिकों को सलाह दी गई है कि 23 और 24 सितंबर के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचें, कमजोर छतों व जर्जर मकानों से दूर रहें, आंधी-तूफान के समय बिजली के खंभों व पेड़ों के नीचे शरण न लें और आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर ही भरोसा करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!