September 13, 2026 10:12 pm

3.16 करोड़ की साइबर ठगी मामले में पंचकूला पुलिस की हैदराबाद में बड़ी कार्रवाई, दो शातिर आरोपित गिरफ्तार

हरियाणा के पंचकूला जिले से साइबर अपराध के खिलाफ एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी सफलता का मामला सामने आया है। पंचकूला की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने अपनी तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए 3.16 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की ऑनलाइन ठगी के मामले में तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से दो मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस हाई-प्रोफाइल साइबर फ्राड ने देश भर के कारोबारी और औद्योगिक जगत में हड़कंप मचा दिया था, क्योंकि ठगों ने अत्यंत शातिर तरीके से एक प्रतिष्ठित कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचार माध्यमों को हाईजैक कर करोड़ों की चपत लगाई थी। पुलिस द्वारा पकड़े गए इन दोनों नए आरोपितों की पहचान पुन्नापुरेडी प्रवीन प्रसाद राजा और वाकानागी रेड्डी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हैदराबाद के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। पंचकूला पुलिस की साइबर विंग ने एक गुप्त और बेहद सटीक ऑपरेशन के तहत इन दोनों को हैदराबाद से दबोचा और ट्रांजिट रिमांड पर पंचकूला लाकर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय साइबर गिरोह की गहरी जड़ों तक पहुंचा जा सके।

इस पूरे साइबर अपराध के तौर-तरीकों की बात करें तो यह मामला किसी फिल्मी साजिश से कम नहीं है। साइबर ठगों के इस गिरोह ने एक जानी-मानी कंस्ट्रक्शन कंपनी के कार्यालय के आधिकारिक व्हाट्सएप अकाउंट और लैपटॉप को अपनी साजिश का मुख्य निशाना बनाया था। शातिर ठगों ने बेहद चालाकी से कंपनी के एक पुराने और भरोसेमंद कारोबारी सहयोगी के संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने व्हाट्सएप के माध्यम से कंपनी के सिस्टम पर एक दुर्भावनापूर्ण और फर्जी जिप (ZIP) फाइल भेजी, जिसके क्लिक होते ही सिस्टम का एक्सेस जालसाजों के पास पहुंच गया। इसके बाद ठगों ने कंपनी के ही व्हाट्सएप अकाउंट से कंपनी संचालक के नाम और हुलिया का उपयोग करते हुए एक अन्य मोबाइल नंबर से मैसेज भेजने शुरू कर दिए। कंपनी की महिला अकाउंटेंट को पूरी तरह से झांसे में लेकर और विश्वास में रखकर ठगों ने कंपनी के बैंक खातों की वित्तीय स्थिति और कुल बैलेंस की जानकारी हासिल की। इसके बाद अकाउंटेंट को सख्त निर्देश दिए गए कि वह तुरंत अलग-अलग अज्ञात बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दे, और इस प्रकार धोखे में आकर कुल 3 करोड़ 16 लाख रुपये की भारी रकम विभिन्न फर्जी खातों में ट्रांसफर करवा ली गई।

यह पूरा शातिर खेल तब उजागर हुआ जब कंस्ट्रक्शन कंपनी के असली संचालक ने किसी जरूरी काम से अकाउंटेंट को फोन किया और पूरी बातचीत के दौरान उन्हें अहसास हुआ कि पैसों के लेन-देन को लेकर कोई बहुत बड़ा गोलमाल चल रहा है। संचालक ने तुरंत प्रभाव से अकाउंटेंट को किसी भी प्रकार की और आगे की ट्रांजैक्शन करने या पैसे भेजने से सख्ती से रोक दिया। इसके बाद जब कंपनी के बैंक खातों और व्हाट्सएप चैट की गहनता से जांच की गई, तो पता चला कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के तुरंत बाद कंपनी प्रबंधन की तरफ से पंचकूला के साइबर क्राइम थाने में औपचारिक रूप से लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और जिला पुलिस के उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया, जिसने आधुनिक डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स के आधार पर जालसाजों की तलाश शुरू कर दी।

पुलिस की तकनीकी जांच और वित्तीय लेन-देन (बैंक ट्रेल) के विश्लेषण के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। जांच में यह बात स्पष्ट हुई कि इस 3.16 करोड़ रुपये की कुल ठगी की रकम में से लगभग एक करोड़ छह लाख रुपये सीधे तौर पर ‘इंटीग्रेटेड वीमेन डेवलपमेंट सोसाइटी’ नामक संस्था के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसके अलावा, लगभग 80 लाख रुपये की भारी रकम पुन्नापुरेडी पकाशास्त्रुलु प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में भी भेजी गई थी। इन संदिग्ध बैंक खातों के आईपी एड्रेस, एटीएम विड्रॉल और खाताधारकों की जानकारी जुटाने के बाद साइबर क्राइम थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने अपनी तकनीकी छानबीन को आगे बढ़ाया। इसी पुख्ता डेटा और डिजिटल सबूतों के आधार पर जाल बिछाकर पुन्नापुरेडी प्रवीन प्रसाद राजा और उसके सहयोगी वाकानागी रेड्डी को हैदराबाद में धर दबोचा गया। पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इस गिरोह के वित्तीय प्रबंधन और फर्जी खाते उपलब्ध कराने के काले कारोबार से जुड़े हुए थे तथा उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर इस सुनियोजित अपराध को अंजाम दिया था।

पंचकूला पुलिस द्वारा इस हाई-प्रोफाइल मामले में की जा रही कार्रवाई के तहत अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो इस बात का प्रमाण है कि पुलिस इस सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रही है। हैदराबाद से पकड़े गए इन दोनों नए आरोपियों से पहले साइबर पुलिस टीम ने चेन्नई और अन्य राज्यों में छापेमारी कर तीन अन्य शातिर बदमाशों को भी दबोचा था। पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चेन्नई निवासी देवराजन एपी, तमिलनाडु के रामनाथपुरम निवासी पंडिश्वरी, और महाराष्ट्र के कोल्हापुर निवासी सुशील गजानन शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सभी आरोपियों से लगातार गहन पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस साइबर ठगी के नेटवर्क के तार देश के किन-किन अन्य राज्यों या विदेशों से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस मामले में अभी कुछ और गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है, क्योंकि इस अंतर-राज्यीय गिरोह में कई अन्य बिचौलिए और फर्जी खाताधारक भी शामिल हो सकते हैं।

पंचकूला पुलिस ने इस बड़ी सफलता के बाद आम जनता, व्यापारियों और औद्योगिक संस्थानों के मालिकों को कड़ी चेतावनी देते हुए साइबर सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि आज के डिजिटल युग में साइबर ठग नए-नए और हथकंडे अपनाकर व्हाट्सएप हैकिंग, फर्जी ईमेल, और एपीके (APK) फाइलों के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं। किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध जिप फाइल या व्हाट्सएप पर आने वाले वित्तीय निर्देशों पर तुरंत आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए और पैसों के लेन-देन से पहले हमेशा वीडियो कॉल या आमने-सामने बात करके पुष्टि करनी चाहिए। पंचकूला पुलिस के इस त्वरित और सराहनीय कदम से एक तरफ जहां साइबर अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ पीड़ित व्यापारिक घरानों को न्याय मिलने की उम्मीद भी काफी मजबूत हुई है। पुलिस अब इन सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद आगे की कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ा रही है।

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