April 27, 2026 3:16 am

MP-मऊगंज में प्रशासन सख्त: गौशालाओं में लापरवाही पर 8 संचालकों सहित तीन अधिकारियों को नोटिस

MP-मऊगंज में प्रशासन सख्त: गौशालाओं में लापरवाही पर 8 संचालकों सहित तीन अधिकारियों को नोटिस

मऊगंज।
कलेक्टर संजय कुमार जैन ने जिले में संचालित गौशालाओं एवं शासकीय संस्थानों में लापरवाही बरतने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाए हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं के बाद कलेक्टर ने 8 ग्राम पंचायतों के गौशाला संचालकों, एक छात्रावास अधीक्षक तथा उप संचालक पशु चिकित्सा सेवा को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

गौशालाओं में अनियमितता पर 8 संचालकों को नोटिस

जिले की विभिन्न पंचायतों में संचालित गौशालाओं का निरीक्षण कराए जाने पर कई स्थानों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं। चारे, रख-रखाव, निगरानी और संचालन में लापरवाही सामने आने के बाद कलेक्टर ने संबंधित संचालकों को सात दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समय सीमा में जवाब प्रस्तुत न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई, अनुबंध समाप्ति और राशि वसूली की चेतावनी दी गई है।

जिन गौशाला संचालकों को नोटिस जारी किया गया है उनमें —
ग्राम पंचायत पनिगवां का अम्बेडकर स्वसहायता समूह, ग्राम पंचायत बलभद्रगढ़ के संचालक, अमरीश मिश्रा (अटरिया), शिवप्रसाद, श्रीमती राजकली मिश्रा (पांती मिश्रान), ग्राम पंचायत पिपराही के संचालक, गनिगवां के संचालक, शिवराजपुर के संचालक तथा सरैहा के संचालक शामिल हैं।

छात्रावास में वीडियो वायरल होने पर अधीक्षक को नोटिस

इधर, कलेक्टर संजय कुमार जैन ने शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास पिपराही के प्रभारी अधीक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक रामानुज यादव को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वीडियो में छात्रों द्वारा किए गए कथित अमर्यादित आचरण को शासकीय संस्थान की गरिमा के विपरीत बताते हुए कलेक्टर ने इसे शासन-प्रशासन की छवि को धूमिल करने वाला बताया है। इस मामले में अधीक्षक को दो दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक से भी मांगा जवाब

इसके अलावा ग्राम पंचायत बेलहा, रमकुड़वा, हाटा, बघैला एवं मलैगवां की गौशालाओं से जुड़े मामलों को लेकर कलेक्टर ने उप संचालक पशु चिकित्सा सेवा को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में बिना सत्यापन राशि आहरित किए जाने तथा रात के समय गौवंश को खुला छोड़ने से किसानों की फसल क्षति होने जैसे मामलों में विभागीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही का उल्लेख किया गया है। संबंधित अधिकारी को तीन दिवस के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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