रायपुर, 14 जून 2026
विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर 241 बस्तरिया बटालियन द्वारा सेडवा स्थित वाहिनी मुख्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन कर मानवता, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनसेवा का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया गया। एक यूनिट सुरक्षित रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। रक्तदान करने में केवल एक घंटा लगता है, लेकिन इसका प्रभाव जीवन भर रहता है। इस पुनीत आयोजन में डिमरापाल स्थित स्वर्गीय बलिराम कश्यप मेमोरियल शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की विशेषज्ञ चिकित्सक टीम ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
रक्तदान कर जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा में दिया महत्वपूर्ण योगदान
देश की सुरक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी संवेदनशील प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए बटालियन के अधिकारियों एवं जवानों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान अभियान में भाग लिया। शिविर के दौरान कुल 24 अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों एवं जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
रक्तदान मानव सेवा का सर्वाेच्च कार्य
इस अवसर पर बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी श्री संजय कुमार ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान मानव सेवा का सर्वाेच्च कार्य है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकती है। उन्होंने जवानों से भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी एवं मानवीय कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
नियमित रक्तदान और जागरूकता प्रसार का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों एवं जवानों ने जरूरतमंदों की सहायता के लिए नियमित रूप से रक्तदान करने तथा समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प भी लिया। रक्तदान शिविर ने यह संदेश दिया कि सुरक्षा बल केवल देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा के प्रहरी ही नहीं, बल्कि समाज की सेवा और मानवता की रक्षा के लिए भी सदैव तत्पर रहते हैं।
शिविर के सफल आयोजन में उप कमांडेंट श्री प्रमोद कुमार मीणा सहित 241 बस्तरिया बटालियन के अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी एवं जवानों के साथ चिकित्सा महाविद्यालय डिमरापाल की चिकित्सा टीम उपस्थित रही। सभी के सहयोग से यह आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित, सफल और प्रेरणादायक रूप से संपन्न हुआ।








