July 24, 2026 11:42 pm

BREAKING NEWS

डीएस बनाम सीके ड्रीम11 भविष्यवाणी: मैच 12 प्लेइंग इलेवन, पिच रिपोर्ट, चोट अपडेट जीजी बनाम केआर ड्रीम11 भविष्यवाणी: मैच 11 प्लेइंग इलेवन, पिच रिपोर्ट, चोट अपडेट मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण जमीन पर बैठकर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सुनी ग्रामीणों की बात, करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की दी सौगात अमलीडीह को मिली विकास कार्य की सौगात, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने 2 करोड़ की लागत के सड़क निर्माण का किया भूमिपूजन आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण शिक्षा को नई दिशा, स्थानीय खाद्य संसाधनों और मिलेट्स को मिलेगा बढ़ावा

जशपुर वनमण्डल की गजरथ यात्रा-2026 शुरू, हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान तेज

रायपुर, 23 जुलाई 2026

जशपुर वनमण्डल की गजरथ यात्रा-2026 शुरू, हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान तेज

मानव-हाथी द्वंद की घटनाओं में कमी लाने और आमजन, विशेषकर विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों में हाथियों के प्रति वैज्ञानिक सोच विकसित करने के उद्देश्य से जशपुर वनमण्डल द्वारा गजरथ यात्रा-2026 का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान हाथी प्रभावित संवेदनशील (येलो ज़ोन) क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है, जहां वन विभाग की टीमें विद्यालयों और गांवों में पहुंचकर हाथियों के व्यवहार, उनके प्राकृतिक आवास तथा सुरक्षित सहअस्तित्व के संबंध में जानकारी दे रही हैं। वन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में आयोजित गजरथ यात्रा के दौरान वन परिक्षेत्र तपकरा के 15 विद्यालयों के 1,542 विद्यार्थियों को हाथियों की जैविक एवं व्यवहारिक विशेषताओं, उनके प्राकृतिक आवास, भ्रमण मार्ग, भोजन एवं जल स्रोत, झुंड की संरचना तथा मानव-हाथी सहअस्तित्व से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी दी गई थी। विद्यार्थियों को हाथियों के विचरण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित व्यवहार और वन विभाग की चेतावनियों का पालन करने का प्रशिक्षण भी दिया गया था।
इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए। स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों में हाथियों के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढ़ी। हाथियों के विचरण की समय पर सूचना साझा करने, अफवाहों से बचने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने जैसी आदतों का विकास हुआ, जिससे मानव-हाथी द्वंद की घटनाओं में कमी लाने में मदद मिली। इन्हीं सकारात्मक अनुभवों के आधार पर इस वर्ष गजरथ यात्रा-2026 का विस्तार किया गया है। यात्रा जशपुर वनमण्डल के विभिन्न हाथी प्रभावित वन परिक्षेत्रों एवं गांवों में पहुंचकर विद्यालयों, ग्राम सभाओं, वन सुरक्षा समितियों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार तथा उनके संरक्षण के प्रति जागरूक कर रही है।

अभियान के दौरान आधुनिक ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति, पोस्टर, फ्लेक्स, मॉडल और संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से बताया जा रहा है कि हाथियों के झुंड के निकट जाना, उन्हें उकसाना या उनके मार्ग में बाधा उत्पन्न करना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। ग्रामीणों को हाथी विचरण की सूचना मिलने पर सुरक्षित स्थान पर रहने, रात में अनावश्यक आवागमन से बचने, खेतों और जंगलों में अकेले न जाने तथा वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। विद्यार्थियों को हाथियों की पारिस्थितिकी, वन एवं जैव विविधता संरक्षण में उनकी भूमिका तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति नागरिक दायित्वों की जानकारी भी दी जा रही है। प्रश्नोत्तरी, संवाद और शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे अपने परिवार और समाज में भी जागरूकता का संदेश पहुंचा सकें।

वनमण्डलाधिकारी ने बताया कि जशपुर वनमण्डल में मानव-हाथी सहअस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है। गजरथ यात्रा केवल एक प्रचार अभियान नहीं, बल्कि समुदाय आधारित संरक्षण का सशक्त प्रयास है। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को हाथियों के व्यवहार को समझने, जोखिम कम करने और सुरक्षित सहअस्तित्व अपनाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि जनहानि एवं संपत्ति की क्षति में कमी आए और हाथियों के प्राकृतिक संरक्षण को भी मजबूती मिले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!