
Delhi Jail Compensation: राष्ट्रीय राजधानी मुख्यमंत्री कार्यालय ने रविवार, 2 अगस्त को बताया कि दिल्ली सरकार ने राजधानी की जेलों में अप्राकृतिक कारणों से मरने वाले कैदियों के परिवारों को 7.5 लाख रुपये तक का मुआवजा देने की एक योजना की घोषणा की है।
दिल्ली सरकार की इस योजना के तहत, कैदियों के बीच झगड़े या जेल स्टाफ द्वारा कथित मारपीट से मौत होने पर ₹7.5 लाख की मदद दी जाएगी और लापरवाही या आत्महत्या के मामलों में ₹5 लाख दिए जाएंगे। हालांकि, कुछ मामलों में मुआवजा न मिलने की भी शर्त रखी गई है।
जेल में अप्राकृतिक मौत पर ₹5 से ₹7.5 लाख तक का मुआवजा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने X पर लिखा ‘₹7.5 लाख तक का मुआवजा अब दिल्ली की जेलों में अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में मृतक बंदियों के परिजनों को दिया जाएगा।’
आगे उन्होंने लिखा ‘दिल्ली सरकार द्वारा अधिसूचित योजना के तहत बंदियों के बीच संघर्ष या जेल कर्मियों द्वारा कथित मारपीट से मृत्यु पर ₹7.5 लाख तथा लापरवाही या आत्महत्या के मामलों में ₹5 लाख की सहायता दी जाएगी। प्राकृतिक मृत्यु या बीमारी से हुई मृत्यु इस योजना के दायरे में नहीं होगी।’
यह योजना कई चीजों को करेगी मजबूत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में आगे लिखा कि ‘यह योजना जेल प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही, मानवीय गरिमा और कानून के शासन को और मजबूत करेगी।’ वहीं, आज ही दिल्ली सरकार ने 16 साल बाद दिल्ली के आपदा प्रबंधन कर्मियों के मानदेय में 100% तक वृद्धि का ऐलान किया है।
इन स्थितियों में नहीं मिलेगा पैसा
इस बीच सरकार की तरफ से यह भी साफ किया गया कि किन स्थितियों कैदियों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिलेगा। दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया कि प्राकृतिक मुत्यु, बिहारी से हुई मौत, जेल से फरार होने या वैध हिरासत से भागने के दौरान हुई मौत और किसी आपदा या विपदा के करण हुई मौत पर मुआवजा नहीं मिलेगा।









