
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अब छात्रों के आगे हेमंत सोरेन सरकार दबाव में नजर आ रही है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत के लिए राज्य सरकार ने पहल की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि छात्रों के लिए उनका सारे दरवाजा खुले हैं। वो बातचीत के लए तैयार है। सरकार के बातचीत के ऑफर पर स्टूडेंट्स ने भी कुछ डिमांड्स रखी है।
सरकार ने प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों से चर्चा के लिए चार मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल गठित किया है। इस संबंध में राज्य सरकार के प्रस्ताव को लेकर SDO और एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे थे। एसडीओ रजत ने छात्रों को बताया कि सरकार उनसे बातचीत करना चाहती है और वे प्रतिनिधि के रूप में आए हैं। उन्होंने छात्रों से अनुरोध किया कि वे पांच लोगों का डेलिगेशन बना लें, जिससे उनकी बातचीत सरकार के साथ कराई जा सके।
छात्रों ने रखी सरकार के सामने ये शर्त
हालांकि छात्रों ने भी बातचीत के लिए अपनी शर्तें रखी हैं। छात्रों की प्रमुख मांग है कि वे सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ही बात करेंगे। साथ ही मीडिया की मौजूदगी भी सुनिश्चित की जाए। बातचीत कैमरा के सामने होगी। वहीं, जेपीएससी और जेएसएससी में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन पर बैठे छात्रों ने अपने पांच लोगों का डेलिगेशन फाइनल कर लिया है, लेकिन सभी नामों का ऐलान अभी नहीं किया गया है।
झारखंड सरकार के मंत्री ने क्या कहा?
झारखंड सरकार में मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रदेश में कई भर्ती परिक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में जारी छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर कहा, “बहुत साफ बात है कि ये पेपर लीक का मामला नहीं है। ये बैक डोर से और गलत मतलब के साथ लोगों की नियुक्ति करने की बात है। इसमें वो एजेंसी दोषी है जिसने प्रश्नों को या पहले से ही लोगों को सीट कर रखा था।”
“सरकार का दायित्व है कि ऐसे मामलों में जिन लोगों की संलिप्तता है उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई हो। जो प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री और हमारी सरकार में है। जो वास्तविक छात्र हैं, वे भी चाहते हैं कि उन्हें न्याय मिले और इसका पटाक्षेप हो, सरकार भी यही चाहती है… सांकेतिक रूप से राज्य का विपक्ष भी सरकार को सहयोग करे कि छात्रों से जुड़े विषय का पटाक्षेप हो।”
सरकार की तरफ से अभी बैठक की जगह और समय की घोषणा नहीं की गई है। सरकार के जवाब के बाद आज दोपहर तक मीटिंग हो सकती है। सरकार की कमेटी में उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, समाज कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव शामिल हो सकते हैं। संभावना है कि मंत्रियों का दल गुरुवार को धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों बातचीत करेगा। अगर यहां बातचीत संभव नहीं हो पाई तो किसी सार्वजनिक स्थान पर बातचीत हो सकती है।









