
कर्नाटक में कावेरी जल विवाद का मामला एक फिर गहराता जा रहा है। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के तमिलनाडु को पानी छोड़ने के आदेश के विरोध में आज बंद का आह्वान किया है। बंद को लेकर पुलिस अलर्ट पर है। सड़कों पर अतिरिक्त पुलिसबल की तैनाती की गई है। बंद का मिलाजुला असर दिखना भी शुरू हो गया है। जानें कर्नाटक में आज क्या बंद है और क्या खुला है?
कई कन्नड़ संगठनों द्वारा बुलाए गए कर्नाटक बंद ने राज्य में राजनीतिक और क्षेत्रीय तनाव को फिर से सड़कों पर उतार दिया है। बंद का असर मुख्य रूप से बेंगलुरु और कावेरी बेसिन क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है, हालांकि प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह नहीं थमेगी। संगठनों का कहना है कि पानी के बंटवारे को लेकर कर्नाटक पर बढ़ते दबाव के खिलाफ यह प्रदर्शन जरूरी है।
कावेरी जल विवाद को लेकर आज बुलाए गए राज्यव्यापी कर्नाटक बंद के बीच, मांड्या जिला प्रशासन ने शराब की बिक्री पर सख्त पाबंदियां लगाई हैं और अहम जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। एहतियात के तौर पर, डिप्टी कमिश्नर ने K.R. पेट, श्रीरंगपट्टनम, मद्दुर और मांड्या तालुकों में शराब की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है। सभी तरह की शराब की दुकानों, बार और रेस्टोरेंट को बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
DC ने जिले में आज शराब की बिक्री, ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज पर भी रोक लगा दी है। मांड्या शहर में, पुलिस ने संजय सर्कल पर हाई अलर्ट जारी किया है, जहां बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन की उम्मीद है। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्थानीय पुलिसकर्मियों के साथ-साथ DAR और KSRP की टुकड़ियों को भी मौके पर तैनात किया गया है।
सभी आवश्यक और सार्वजनिक सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी। इनमें अस्पताल, फार्मेसी, स्कूल-कॉलेज, सरकारी दफ्तर, बीएमटीसी, केएसआरटीसी, नम्मा मेट्रो, ऑटो-टैक्सी-कैब, प्राइवेट और स्कूल बसें, एयरपोर्ट टैक्सी सेवाएं, होटल, बेकरी, बाजार, एपीएमसी यार्ड, सड़क किनारे के विक्रेता तथा आईटी, बीटी और अन्य उद्योग-वाणिज्यिक संस्थान शामिल हैं। कई निजी और आईटी कंपनियों ने कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम करने को कहा है।
मांड्या जिले के उक्त तालुकों में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा विरोध प्रदर्शन और सियासी हलचल देखने को मिल सकती है।प्रशासन का प्रयास है कि बंद के बावजूद जरूरी सेवाएं बाधित न हों और स्थिति नियंत्रण में रहे।



