
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मावलंकर हॉल में कांग्रेस कन्वेंशन के दौरान मोदी सरकार की विदेश नीति की आलोचना की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार की विदेश नीति का मतलब सिर्फ गले लगना है। इस दौरान उन्होंने PM मोदी पर एक विवादित टिप्पणी कर दी। जिसके बाद सियासी तूफान खड़ा हो गया। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल के बयान की जमकर आलोचना की।
राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं – बांसुरी स्वराज
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी की भाषा और शैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि ‘इन आपत्तिजनक बयानों की वजह से राहुल गांधी विपक्ष के नेता कम और एक फेल हो चुके स्टैंड-अप कॉमेडियन ज्यादा लग रहे हैं। भारत को एक ऐसे 56 साल के व्यक्ति से बेहतर विपक्ष का नेता मिलना चाहिए जो बच्चों जैसी हरकतें करता हो।
‘प्रधानमंत्री के कूटनीतिक रिकॉर्ड का बचाव करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि पीएम मोदी ने अब तक 38 देशों के साथ 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं। बांसुरी स्वराज ने आगे कहा कि राहुल गांधी के पास कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा है और वे अब सिर्फ ऐसे बयान देते हैं जो सोशल मीडिया रील्स और मीम्स बनाने के काम आ सकें। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और एक मसखरे की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
किस वीडियो से शुरू हुआ पूरा विवाद?
वीडियो में राहुल गांधी कहते दिखते हैं कि विदेश नीति का मतलब सिर्फ ‘नेताओं को गले लगाना’ नहीं है। इसके तुरंत बाद वे कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाते हैं। इस पर संदीप दीक्षित मजाक में कहते हैं, ‘मेलोनी समझ के तो नहीं पकड़ा था?’राहुल गांधी आगे कहते हैं, ‘हमारा काम बहुत आसान है, और हम उन्हें पागल कर सकते हैं। मैं आपको बता रहा हूं, नरेंद्र मोदी रात को सो नहीं पाते हैं। इसके कई कारण हैं… आपने अमित शाह को देखा? जिन्हें चाणक्य और सरदार पटेल कहा जाता था, वे 20 दिनों तक संसद क्यों नहीं आ पाए? क्योंकि पहली बार वे भारत की आवाज महसूस कर रहे हैं।’
सोशल मीडिया पर भड़का लोगों का गुस्सा
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं की सख्त आलोचना की है। लोगों ने इन टिप्पणियों को ‘घटिया, घिनौना और शर्मनाक’ करार दिया। कई यूजर्स ने कहा कि एक विदेशी महिला नेता को इस तरह पेश करना और दो देशों के प्रधानमंत्रियों पर ऐसा अनुचित मजाक बनाना बेहद गैर-जिम्मेदार है।एक यूजर ने लिखा, ‘राहुल गांधी ने सारी हदें पार कर दीं… एक सभ्य देश का विपक्ष का नेता किसी दूसरे देश की महिला नेता के बारे में ऐसी बातें कैसे कह सकता है?
‘दूसरे यूजर ने इसे ‘अक्षम्य’ बताते हुए कहा, ‘विदेशी नेता का मजाक उड़ाना और देश के प्रधानमंत्री का अपमान करना कोई हिम्मत नहीं, बल्कि गरिमा और परिपक्वता की भारी कमी को दर्शाता है।’आलोचकों का स्पष्ट मानना है कि एक स्वस्थ और सभ्य लोकतंत्र में ऐसे व्यवहार की कोई जगह नहीं होनी चाहिए, और विपक्ष के नेता को ऐसे टिप्पणी करने के बजाय गंभीर नैतिक मुद्दों पर बहस करनी चाहिए।



