नैनीताल (उत्तराखंड)
आज सैनिक स्कूल घोराखाल में नवनिर्मित ‘बछेंद्री पाल’ बालिका छात्रावास का उद्घाटन करने का अवसर मिला। यह छात्रावास विद्यालय में बालिका कैडेट्स को समान अवसर और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और मार्गदर्शन में सैनिक स्कूलों में बेटियों को प्रवेश देने की ऐतिहासिक पहल वर्ष 2018-19 में सैनिक स्कूल छिंगछीप, मिजोरम से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई थी। सैनिक स्कूल घोराखाल में बालिकाओं का प्रवेश पहली बार शैक्षणिक सत्र 2020-21 में हुआ, जब सात बालिका कैडेट्स के पहले बैच ने प्रवेश लिया। आज यह संख्या बढ़कर 58 बालिका कैडेट्स हो चुकी है, जो सैनिक स्कूलों में बेटियों की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है।




नवनिर्मित बालिका छात्रावास का निर्माण रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा ₹3 करोड़ 30 लाख 30 हजार 303 रुपए की लागत से किया गया है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह छात्रावास बालिका कैडेट्स को सुरक्षित, संरक्षित और अनुकूल आवासीय वातावरण प्रदान करेगा, जिससे वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी शिक्षा एवं सैन्य प्रशिक्षण को आगे बढ़ा सकेंगी।
इस छात्रावास का नाम ‘बछेंद्री पाल’ के नाम पर रखा गया है, जो भारत की प्रसिद्ध पर्वतारोही और माउंट एवरेस्ट के शिखर पर पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला हैं। यह नाम साहस, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का प्रतीक है- वही मूल्य जिन्हें सैनिक स्कूल अपनी बालिका कैडेट्स में विकसित करना चाहता है।
बालिकाओं को समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना युवा शक्ति के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमारी बेटियां आत्मविश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगी और विकसित भारत @2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन मधु सेंगर, उप प्रधानाचार्य कमांडर अर्चना चौधरी एवं प्रशासनिक अधिकारी मेजर अजय सिंह पवार उपस्थित रहे।
यह भवन CE Bareilly Zone के अधीन MES प्रतिष्ठान द्वारा पूरा किया गया है। MES देश की सबसे बड़ी निर्माण एजेंसियों में से एक है। परियोजना की जानकारी गेरिसन इंजीनियर, रानीखेत सुबीर साहा ने RRM को दी। कार्य को क्रियान्वित करने वाले AGE प्रियदर्शी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।









