October 29, 2026 6:57 am

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उत्तराखंड में बारिश का बड़ा अलर्ट, अगले कई दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी

उत्तराखंड में एक बार फिर मानसून की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने विशेष विज्ञप्ति जारी कर 29 अगस्त से दो सितंबर तक राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना है, जो अगले 48 घंटों में और स्पष्ट होकर आगे बढ़ेगा। मानसून टर्फ अमृतसर से लेकर इस सिस्टम तक फैली है। इसके साथ ही उत्तरी पाकिस्तान पर एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन तीन सिस्टमों के संयुक्त असर से उत्तराखंड में जमकर बारिश होने की संभावना है।

 

 

30 अगस्त को देहरादून, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर में भारी बारिश के साथ तीव्र से अति तीव्र दौर की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा एक और दो सितंबर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में भारी बारिश का अनुमान है। विभाग ने चेताया है कि भारी से बहुत भारी बारिश से भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने की संभावना है। सड़कें और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं।

 

निचले इलाकों में जलभराव और नदियों-गदेरों में फ्लैश फ्लड का खतरा है। कच्चे मकानों, निर्माणाधीन पुलों, धान-मक्का जैसी खरीफ फसलों को नुकसान हो सकता है। बिजली-पानी की आपूर्ति और हवाई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हिदायत देते हुए कहा कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग सतर्क रहें। चारधाम यात्रा केवल अत्यावश्यक होने पर ही करें और तीव्र ढलानों पर विशेष निगरानी रखें। नदियों, नालों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग सावधानी बरतें।

प्रदेश में 41 ग्रामीण मार्ग समेत 52 सड़क बंद

प्रदेश में भूस्खलन समेत अन्य कारणों से 41 ग्रामीण मार्ग समेत 52 मार्ग शनिवार को बंद रहे। इसमें बागेश्वर में सात, चमोली 13, चंपावत एक और देहरादून में छह मार्ग पर आवागमन ठप रहा। नैनीताल में दो, पौड़ी में तीन, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में पांच और उत्तरकाशी में दो मार्ग बंद रहे। मार्ग बंद होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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