
भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 2 अक्टूबर को किसी भी प्रकार की ट्रेडिंग गतिविधि नहीं होगी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के राष्ट्रीय पर्व के उपलक्ष्य में देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज—बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)—पूरी तरह बंद रखे गए हैं। इस दिन इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) सेगमेंट में कोई खरीद-बिक्री नहीं की जा सकेगी। खुदरा निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए आज का दिन ट्रेडिंग से ब्रेक लेने और अपनी आगामी रणनीतियों की समीक्षा करने का अवसर है।
अगर आप शेयर बाजार में सक्रिय रूप से इंट्राडे या डिलीवरी आधारित ट्रेड करते हैं, तो आज आपका कोई भी नया ऑर्डर एग्जीक्यूट नहीं होगा। इसके अलावा ब्रोकरेज फर्म्स और क्लियरिंग कॉरपोरेशन भी आज सेटलमेंट की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे, जिससे फंड पे-इन और पे-आउट का चक्र अगले कारोबारी दिन से ही सुचारू रूप से आगे बढ़ पाएगा।
कमोडिटी मार्केट में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए शेड्यूल सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ा भिन्न रहता है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर राष्ट्रीय अवकाशों के दिन दो अलग-अलग सत्रों में कामकाज तय होता है। गांधी जयंती के दिन सुबह का सत्र (Morning Session), जो आम तौर पर सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलता है, पूरी तरह बंद रहता है।
शाम के सत्र (Evening Session) की बात करें, तो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने, चांदी और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों के रुझान को ट्रैक करने के लिए कई बार शाम 5:00 बजे से रात 11:30 या 11:55 बजे तक ट्रेडिंग की अनुमति होती है, जबकि कुछ प्रमुख राष्ट्रीय छुट्टियों पर दोनों सत्र पूरी तरह स्थगित रखे जाते हैं। इसलिए कमोडिटी ट्रेडर्स को एक्सचेंज की आधिकारिक सर्कुलर लिस्ट देखकर ही अपने ऑर्डर्स की योजना बनानी चाहिए।
यदि आप नए शेयर खरीदने या अपने पोर्टफोलियो में नई एंट्री की योजना बना रहे हैं, तो आपको अगले कारोबारी सत्र का इंतजार करना होगा। साप्ताहिक कैलेंडर और हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, स्टॉक मार्केट अपने नियमित समय सारिणी के अनुसार दोबारा खुलेगा:
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प्री-ओपनिंग सेशन: सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक ऑर्डर्स का मिलान और प्राइस डिस्कवरी।
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नियमित ट्रेडिंग सत्र: सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सामान्य खरीद-बिक्री।
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पोस्ट-क्लोजिंग सेशन: दोपहर 3:40 बजे से शाम 4:00 बजे तक क्लोजिंग प्राइस एडजस्टमेंट।
बाजार खुलने पर निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बयानों, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय दरों और तिमाही नतीजों (Q2 Earnings Season) की शुरुआती घोषणाओं पर टिकी रहेगी।
बाजार बंद रहने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि एक जागरूक निवेशक के रूप में आप पूरी तरह निष्क्रिय बैठें। चाहे आप लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, अहमदाबाद या मुंबई से ट्रेड कर रहे हों, छुट्टी का दिन अपने मौजूदा पोर्टफोलियो का ऑडिट करने के लिए सबसे मुफीद समय माना जाता है। अक्सर लाइव मार्केट के दौरान निवेशक भावनाओं में आकर त्वरित फैसले ले लेते हैं, लेकिन बाजार बंद होने पर आप बिना किसी दबाव के अपने मुनाफे, घाटे और रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो का निष्पक्ष आकलन कर सकते हैं।
इस अवकाश के दौरान आप उन मजबूत बुनियादी ढांचे (Fundamentally Strong) वाली कंपनियों की वॉचलिस्ट तैयार कर सकते हैं जो हालिया गिरावट के बाद आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हैं। सेक्टर-वाइज अगर देखें तो बैंकिंग, ऑटो, आईटी और एफएमसीजी जैसे सेक्टरों के तकनीकी चार्ट्स और सपोर्ट-रेजिस्टेंस लेवल्स को स्टडी करने से आपको अगले सत्र में सटीक और नपे-तुले निर्णय लेने में सीधी मदद मिलेगी।
अक्टूबर का महीना भारतीय त्योहारों का प्रमुख समय होता है, जिसके चलते इस महीने में बाजार में अन्य छुट्टियां भी देखने को मिलती हैं। दशहरा (विजयादशमी), दिवाली (लक्ष्मी पूजन) और बलिप्रतिपदा जैसे प्रमुख पर्वों पर भी अलग-अलग दिनों में शेयर बाजार बंद रहते हैं। हालांकि, दिवाली के दिन शाम को एक विशेष 1 घंटे का ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ (Muhurat Trading) सत्र आयोजित किया जाता है, जिसे नए संवत की शुरुआत और नए निवेश के लिए बेहद शुभ माना जाता है। निवेशकों को अपने ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट में फंड एलोकेशन की योजना बनाते समय इस पूरे हॉलिडे कैलेंडर को जरूर ध्यान में रखना चाहिए ताकि मार्जिन शॉर्टफॉल जैसी समस्याओं से बचा जा सके।







