October 3, 2026 8:31 pm

छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: दिन में तेज धूप और उमस, तो रात में महसूस हो रही गुलाबी ठंडक; जानिए विदाई के बीच कैसा रहेगा आगे का हाल



छत्तीसगढ़ में इस साल झमाझम बारिश के लंबे दौर के बाद अब दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर (IMD Raipur) के अनुसार, राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों से मानसूनी हवाओं की वापसी शुरू हो चुकी है, जिसके चलते बादलों का डेरा लगभग खत्म हो गया है और आसमान साफ होने लगा है। मानसून के पीछे हटने के साथ ही प्रदेश के मौसम में दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। दिन के समय तेज धूप निकलने से हल्की चुभन और उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं सूरज ढलते ही ठंडी हवाओं का असर शुरू हो जाता है और देर रात से लेकर सुबह तक हल्की ठंडक (गुलाबी सर्दी) का अहसास होने लगा है।

राज्य में हवा की दिशा में आ रहे बदलाव और नमी में कमी के कारण दिन और रात के पारे में 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तक का बड़ा अंतर दर्ज किया जा रहा है।

  • दिन का हाल: राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में दिन का अधिकतम तापमान 33°C से 35°C के आसपास पहुंच रहा है। तेज धूप के कारण दोपहर के वक्त लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

  • रात की ठंडक: ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में रात का न्यूनतम तापमान तेजी से नीचे आ रहा है। सरगुजा संभाग के अंबिकापुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (पेंड्रा रोड) में न्यूनतम तापमान 18°C से 19°C तक लुढ़क गया है, जिससे तड़के के समय हल्की सिहरन महसूस हो रही है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक मानसून पूरी तरह विदा नहीं होता और उत्तर भारत से ठंडी हवाएं रफ्तार नहीं पकड़तीं, तब तक दिन और रात के तापमान का यह बड़ा अंतर बरकरार रहेगा।

  • राजधानी रायपुर व मध्य छत्तीसगढ़: रायपुर और आसपास के जिलों में अगले कुछ दिनों तक आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। दिन का पारा 34°C और रात का पारा करीब 24°C से 25°C के बीच रहने का अनुमान है। बारिश की कोई सक्रिय चेतावनी जारी नहीं की गई है।

  • उत्तरी छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग): कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर में ठंडक की शुरुआत सबसे पहले देखने को मिल रही है। पहाड़ी इलाकों में सुबह के समय हल्का कुहासा भी नजर आने लगा है।

  • दक्षिणी छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग): जगदलपुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में स्थानीय बादलों के कारण कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन भारी बारिश की संभावना पूरी तरह खत्म हो चुकी है।

दिन में तेज धूप और रात में अचानक ठंडक के इस बदलाव को डॉक्टरों ने स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील बताया है। इस ‘ट्रांजिशन फेज’ में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, गले में खराश और मौसमी फ्लू के मामलों में तेजी आ सकती है। खासतौर पर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम के तापमान में अचानक बदलाव से बचाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर की धूप से सीधे एसी या कूलर में बैठने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर डिहाइड्रेशन से सुरक्षित रहे।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों के भीतर छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। अक्टूबर के दूसरे हफ्ते से राज्य में उत्तर और उत्तर-पूर्वी हवाओं का प्रवेश शुरू होगा, जिससे रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट आएगी। हालांकि, कड़ाके की वास्तविक ठंड के लिए प्रदेशवासियों को नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह तक का इंतजार करना पड़ेगा, जब पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी बर्फीली हवाओं का असर मध्य भारत तक पहुंचेगा।

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