October 11, 2026 5:06 pm

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सुप्रीम कोर्ट रविवार को भी खुला, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में हिरासत का मामला; पुलिस कार्रवाई पर सुनवाई

नई दिल्ली
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट रविवार को भी खुला। इसपर कोर्ट ने कहा कि वह हमेशा देश की सेवा में है। आपको बता दें कि शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो स्टेशन बंद करने और ट्रेनें रद्द करने को चुनौती देने वाली अवमानना ​​याचिका पर सुनवाई की जा रही है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है। इसमें नेताओं को हिरासत में लिए जाने को चुनौती दी गई है।

दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान लोगों को हिरासत में लेने और पाबंदियां लगाने के मामले में सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारियों, वकीलों और आम नागरिकों की जान और आजादी की सुरक्षा को लेकर उसकी चिंता एक जैसी है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा, “अदालत के लिए व्यक्ति की पहचान मायने नहीं रखती, चाहे वह पुलिस अधिकारी हो, वकील हो या आम नागरिक। जान और आजादी की सुरक्षा को लेकर अदालत का रुख और चिंता एक जैसी संवेदनशील होती है। ठीक है? इसलिए चिंता न करें।”

लॉ एंड ऑर्डर पर पुलिस के पास स्वतंत्र अधिकार नहीं
जस्टिस बागची ने कहा कि अदालत कार्रवाई के पैमाने को लेकर जताई जा रही चिंताओं को समझती है और प्रतिवादियों का पक्ष सुनना चाहती है। हालांकि, जज ने वकील से यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मामले में पुलिस अधिकारियों को सरकार के रुख से अलग कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं है और उन्होंने वकील से सॉलिसिटर जनरल की मदद करने को कहा।

जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेच में सामने याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े पेश हुए। उन्होंने कहा कि न्याय तक पहुंच का मतलब वकीलों तक पहुंच भी है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि शनिवार के विरोध प्रदर्शनों के दौरान वकीलों को पुलिस स्टेशनों में अपने मुवक्किलों से मिलने से रोका गया।

हेगड़े ने कहा, “यह कोर्ट अपने एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के माध्यम से काम करता है। न्याय तक पहुंच का मतलब वकीलों तक पहुंच भी है। अगर वकीलों को अपना काम करने से रोका जाता है तो इससे सीधे तौर पर इस कोर्ट की गरिमा प्रभावित होती है।”

वकीलों को घंटों तक हिरासत में रखा
संजय हेगड़े ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जो वकील शनिवार को मैदान गढ़ी के संजय कॉलोनी पुलिस स्टेशन गए थे, उन्हें घंटों तक हिरासत में रखा गया और कथित तौर पर उनकी पिटाई की गई। हेगड़े ने कहा, “उनमें से कुछ ने मेरे साथ काम किया है। पुलिसकर्मियों ने वकीलों को FIR की धमकी दी।” एक अन्य वकील ने कोर्ट को बताया कि शनिवार को पूरे दिन इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

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