October 15, 2026 7:02 pm

अंकिता भंडारी केस पर फिर उबाल: दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के विरोध में दिल्ली से उत्तराखंड तक प्रदर्शन, न्याय की मांग तेज

देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के आरोपों से घिरे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने से उपजी विरोध की लपटें दिल्ली के इंडिया गेट तक पहुंच गई।

बुधवार को अंकिता के माता-पिता ने इंडिया गेट पर धरना देकर सभी को चौंका दिया। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और प्रियंका ने मौके पर पहुंचकर माता पिता की मांग के साथ अपनी आवाज बुलंद कर मामले को गर्मा दिया।

गुरुवार की सुबह अंकिता के माता पिता को हिरासत में लिया। इसके बाद अफरा तफरी मच गई। विरोध के बाद रिहा कर दिया।

उधर, देर रात तक इंडिया गेट पर पर राष्ट्रीय मीडिया ने डेरा डालकर इस मुद्दे को देश भर में पहुंचा दिया। दुष्यंत गौतम की नियुक्ति से आक्रोशित अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले पर तब तक रोक लगाई जाए, जब तक मामले में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े पहलुओं की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती। इधऱ, उत्तराखण्ड कांग्रेस ने इसे जनभावनाओं को रौंदने वाला फैसला बताकर पूरे प्रदेश में प्रदर्शन का कार्यक्रम तय कर दिया है।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर को जारी विज्ञप्ति में दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की घोषणा की थी।

इसके बाद अंकिता के माता-पिता ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील की।
अंकिता के पिता ने आग्रह किया कि सीबीआई की जांच पूरी होने तक गौतम को राज्यपाल पद पर नियुक्त न किया जाए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कथित वीआईपी प्रकरण में सामने आए सवालों के बीच यह नियुक्ति क्यों की गई।

राहुल-प्रियंका बैठे धरने पर

दिल्ली में धरने के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर परिवार के संघर्ष का समर्थन करते हुए कहा कि वह और कांग्रेस पार्टी न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ हैं।

हालांकि, दुष्यंत गौतम की कथित वीआईपी प्रकरण में भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित आधिकारिक निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।

चार साल बाद फिर गरमाया मामला

सितंबर 2022 में पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठते रहे सवालों ने मामले को समय-समय पर चर्चा में बनाए रखा है।

अब दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के बाद परिवार ने जांच से जुड़े सवालों को फिर उठाया है। इस घटनाक्रम ने न्याय, जांच की पारदर्शिता और संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। कांग्रेस इस नियुक्ति को वापस लेने की मांग कर रही है, जबकि परिवार का आग्रह है कि जांच पूरी होने तक नियुक्ति को रोका जाए। हाल ही में 9 अक्टूबर को सीबीआई ने अंकिता के माता-पिता से पूछताछ की थी।।

उधर, भाजपा का कहना है कि प्रदेश सरकार ने मजबूत पैरवी कर तीनों अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा दिलवाई। और फरवरी 2026 में सीबीआई जांच की संस्तुति भी की। इस मामले में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर की मोबाइल वार्ता में कथित वीआईपी के तौर पर दुष्यंत गौतम का नाम प्रमुखता से लिया गया था।

इस मामले में भाजपा के तत्कालीन संगठन मंत्री अजेय कुमार का नाम भी कथित वीआईपी के तौर पर गरमाया था। बाद में भाजपा नेतृत्व ने अजेय कुमार को राजस्थान में महत्वपूर्ण दायित्व दे दिया। और अब प्रदेश प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाकर जनभावनाओं को नये सिरे से भड़का दिया।

उत्तराखंड कांग्रेस उतरी सड़क पर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पार्टी की संगठनात्मक इकाइयों से जिला, ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर कैंडल मार्च तथा मशाल जुलूस आयोजित करने की अपील की है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले में पार्टी का पक्ष रखने और दुष्यंत गौतम की नियुक्ति वापस लेने की मांग को मजबूती से उठाने को कहा है।

गोदियाल ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई केवल उसके परिवार का मामला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की भावनाओं से जुड़ा प्रश्न है। कांग्रेस की मांग है कि जांच में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को विशेष संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आने चाहिए।

महिला कांग्रेस आज करेगी प्रदर्शन

इस मामले में उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस ने भी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में 15 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे देहरादून स्थित राजीव भवन, कांग्रेस मुख्यालय में पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।

महिला कांग्रेस ने उर्मिला सनावर द्वारा सार्वजनिक किए गए वीडियो और बयानों में कथित वीआईपी को लेकर किए गए दावों का भी उल्लेख किया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना जरूरी है।

अंकिता के माता-पिता का दिल्ली में धरना, राहुल और प्रियंका गांधी की उनसे मुलाकात और उत्तराखंड कांग्रेस के विरोध कार्यक्रमों ने इस प्रकरण को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। चुनावी साल में इस मुद्दे पर आहूत धरना प्रदर्शन से भाजपा के लिए नई चुनौती खड़ी हो गयी है।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि परिवार की मांग पर केंद्र सरकार और राष्ट्रपति भवन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं । और सीबीआई जांच किस मोड़ पर पहुंचती है…

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