रायपुर,17 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के नागरिकों को सुगम, त्वरित और पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएं देने के लिए निरंतर नए आयाम गढ़ रही है। सुशासन के इस दौर में सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे आम जनता को योजनाओं और सेवाओं का सीधा और आसान लाभ मिल सके। इसी कड़ी में राजस्व विभाग द्वारा लागू की गई ‘ऑटो डायवर्सन’व्यवस्था ने जांजगीर – चांपा जिले में एक क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत की है। यह तकनीक आधारित स्वचालित प्रणाली भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और नागरिक-अनुकूल बना रही है।
अब कार्यालयों के चक्कर काटने से मिली मुक्ति
पूर्व की बात करें तो भूमि के व्यपवर्तन के लिए आवेदकों को आवेदन जमा करने से लेकर दस्तावेजों की औपचारिकता और कार्यालयीन प्रक्रियाओं तक बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों का नुकसान होता था। लेकिन अब विष्णु भैय्या की सरकार की इस अत्याधुनिक ऑनलाइन व्यवस्था से स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आवेदक अब घर बैठे ही अपनी सुविधा अनुसार आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। इससे कार्यालयों में बेवजह की भागदौड़ खत्म हुई है और नियमों के तहत आवश्यक जांच व कार्रवाई को पूरी तरह डिजिटल तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
जांजगीर – चांपा की इस बड़ी सफलता और जनहितैषी पहल पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप राज्य सरकार ‘कम समय में सरल सेवा और अधिक पारदर्शिता’ के मूल उद्देश्य पर पूरी निष्ठा के साथ काम कर रही है। ऑटो डायवर्सन व्यवस्था राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुई है, जिससे आम नागरिकों को सीधी राहत मिल रही है।
इस नई प्रणाली के क्रियान्वयन के सकारात्मक परिणाम भी तेजी से सामने आ रहे हैं। जिले में अब तक ऑटो डायवर्सन के तहत कुल 677 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 477 आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक निराकरण कर दिया गया है। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया में आवेदन, भूमि संबंधी विवरण और व्यपवर्तन की प्रकृति जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों का सुव्यवस्थित संधारण किया जा रहा है।
नागरिकों को मिल रहे हैं बहुआयामी लाभ
इस व्यवस्था से नागरिकों के समय की भारी बचत हो रही है, आवेदन की स्थिति को आसानी से ट्रैक किया जा रहा है और कार्यालयीन कार्यभार भी कम हुआ है। तकनीक के प्रभावी उपयोग से छत्तीसगढ़ में सुशासन का यह नया ढांचा नागरिकों के जीवन को और अधिक सरल एवं सुविधाजनक बना रहा है।









