October 25, 2026 2:27 am

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उत्तराखंड में 24 साल बाद बदले कर्मचारी आचरण नियम, आश्रित नहीं बन सकेंगे बीमा एजेंट

उत्तराखंड: सरकारी कर्मचारी के आश्रित नहीं बन सकेंगे बीमा एजेंट, सरकार ने 24 साल बाद बदले नियम
उत्तराखंड में अब सरकारी कर्मचारियों के आश्रित बीमा एजेंट नहीं बन सकते। कर्मचारी दो माह के बेसिक वेतन की कीमत के बराबर ही चल संपत्ति बिना अनुमति खरीद सकता है।

वहीं, अचल संपत्ति के लिए भी अनुमति संबंधी नियम बदल गए हैं। इसके लिए कार्मिक विभाग ने उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण संशोधन नियमावली 2026 लागू कर दी है।

उत्तराखंड में अभी तक राज्य गठन के बाद 2002 की कर्मचारी आचरण नियमावली लागू थी। 24 साल बाद इसमें संशोधन करते हुए सरकार ने नई नियमावली लागू कर दी है। अपर सचिव कार्मिक गिरधारी सिंह रावत की ओर से जारी इसकी अधिसूचना में नियमों के कई बदलाव सामने आए हैं। नियमावली के नियम-15 में ये संशोधन किए गए हैं।
ये बदलाव हुए लागू

सरकारी कर्मचारी के जिले में उसकी पत्नी या आश्रित व्यक्ति बीमा एजेंट के रूप में काम नहीं कर सकता।

अगर कोई भी पट्टा, रेहन, भेंट या कोई भी अचल संपत्ति अपने या परिवार के नाम से लेकर उसकी सूचना अपने नियुक्ति प्राधिकारी को देनी होगी। पहले पूर्वानुमति का नियम था। वहीं, अगर यह अचल संपत्ति किसी ऐसे व्यक्ति से ली जाती है, जिसका सरकार से लेन-देन का काम हो, तो इसकी पूर्वानुमति लेनी जरूरी होगी।

– प्रथम नियुक्ति के समय और इसके बाद समूह-क, ख, ग के प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी को हर वर्ष, समूह-घ के कर्मचारी को हर पांच वर्ष पर अपनी संपत्ति का विवरण नियुक्ति प्राधिकारी को देना होगा।

अगर कर्मचारी या अधिकारी अपनी दो माह की बेसिक सैलरी से अधिक कीमत की कोई चल संपत्ति जैसे मोबाइल, टीवी खरीदता है तो इसकी एक माह के भीतर सूचना नियुक्ति प्राधिकारी को देनी होगी। अगर ऐसी चल संपत्ति किसी ऐसे व्यक्ति से खरीदी जाती है, जिसका सरकार से लेन-देन का व्यवहार है तो इसकी पूर्वानुमति नियुक्ति प्राधिकारी से लेनी होगी। पहले एक माह का वेतन या 5000 रुपये, जो भी कम हो का नियम था। अब इसमें बदलाव किया गया है।

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रायपुर, 24 अक्टूबर 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सेवा सेतु जैसी डिजिटल पहल का उद्देश्य नागरिकों को शासकीय सेवाओं से जोड़ना और जरूरी दस्तावेजों की उपलब्धता को सुविधाजनक बनाना है। सेवा सेतु से नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने और शासकीय सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले के तखतपुर निवासी मानसी चंद्राकर का सेवा सेतु के माध्यम से जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र बना। इन प्रमाण पत्रों की आवश्यकता विद्यार्थियों की पढ़ाई, विभिन्न शासकीय योजनाओं और अन्य जरूरी कार्यों में पड़ती है। ऐसे में सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन एवं प्रमाण पत्र संबंधी सुविधा मिलने से नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में मदद मिल रही है। मानसी ने सेवा सेतु के संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसी सुविधाएं नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी और कारगर हैं।

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