November 2, 2026 10:33 pm

BREAKING NEWS

मुरासु तूफान का प्रचंड असर! दिल्ली से यूपी और राजस्थान तक बदलेगा मौसम, जानें कहां होगी बारिश मुख्यमंत्रियों की रैंकिंग में CM धामी का जलवा, देशभर में हासिल किया दूसरा स्थान; योगी आदित्यनाथ नंबर-1 सऊदी अरब के भीषण हवाई हमलों से थर्राया यमन का हदीदा पोर्ट: तेल सुविधा केंद्र और जहाजों पर बरसे बम IPL 2027: रिटेंशन लिस्ट जमा करने की डेडलाइन में हुआ बड़ा बदलाव, कब और कहां होगा मिनी ऑक्शन और क्या हैं नए नियम राज्योत्सव में उच्च शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी बनी युवाओं के आकर्षण का केंद्र, ज्ञान, नवाचार और तकनीक की दिखी अनूठी झलक वरिष्ठ नेता स्व. डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

वायुसेना प्रमुख आशुतोष दीक्षित का बड़ा बयान, बोले- हर समय युद्ध के लिए तैयार रहना होगा

नई दिल्ली
भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने पदभार संभालने के एक दिन बाद बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वायुसेना का हर स्क्वाड्रन, हर रडार, हर वायु रक्षा इकाई और हर वायु सैनिक किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए। देश की सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। ऐसे में वायुसेना को हर समय युद्ध के लिए तैयार रहना होगा। लड़ाकू विमानों की संख्या को स्वीकृत स्तर तक पहुंचाना, हथियारों और सैन्य उपकरणों के मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ाना और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकताएं होंगी।

वायुसेना प्रमुख ने अपनी सोच को ‘वायु’ नाम दिया है। इसके तहत 4 प्रमुख लक्ष्य तय किए गए हैं। इनमें सतर्कता और अभियान की तैयारी, आत्मनिर्भरता, रणनीतिक कौशल और तीनों सेनाओं के बीच एकजुट होकर काम करना शामिल है। उन्होंने कहा कि आज युद्ध का तरीका तेजी से बदल रहा है। ड्रोन, लंबी दूरी तक मार करने वाले सटीक हथियार, अंतरिक्ष तकनीक, साइबर हमले, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम जैसी नई तकनीकें युद्ध की दिशा बदल रही हैं। ऐसे में भारतीय वायुसेना को अगले दशक की जरूरतों के हिसाब से खुद को तैयार करना होगा।
वैश्विक भुखमरी सूचकांक में भारत को कौन सा स्थान मिला है?
मोबाइल रिचार्ज जीतने का मौका!

आत्मनिर्भरता पर दिया जोर
एयर चीफ मार्शल ने कहा कि वायुसेना का पहला काम अपनी लड़ाकू क्षमता को स्वीकृत स्क्वाड्रन संख्या के करीब पहुंचाना होगा। इसके साथ ही हर रडार, वायु रक्षा प्रणाली और सैन्य इकाई को चौबीसों घंटे सतर्क रहना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने कहा कि भारतीय तकनीक से बने सेंसर, सैन्य प्लेटफॉर्म और हथियार वायुसेना की सबसे बड़ी प्राथमिकता होंगे। उन्होंने कहा कि वायुसेना को भारतीय समाधानों के साथ लड़ने की क्षमता विकसित करनी होगी और इनकी पर्याप्त संख्या भी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि लंबे समय तक अभियान चलाए जा सकें।

दुश्मन को संघर्ष शुरू करने से रोकना
आशुतोष दीक्षित का कहना था कि वायुसेना की जिम्मेदारी सिर्फ युद्ध लड़ना और जीतना नहीं, बल्कि अपनी मजबूत हवाई ताकत के दम पर दुश्मन को संघर्ष शुरू करने से रोकना भी है। उन्होंने रणनीतिक कौशल के तहत सैन्य योजनाओं, काम करने के तरीकों और तकनीक में लगातार बदलाव की जरूरत बताई। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस कमांड सिस्टम, ड्रोन से निपटने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, विमानों और उपकरणों की समय पर मरम्मत व सैन्य ठिकानों की सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी क्षेत्रों में लगातार सुधार किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!