BJP MP :
सीधी (मध्य प्रदेश)।
सड़क जैसी मूलभूत सुविधा की मांग कर रही एक गर्भवती महिला को सत्ता पक्ष के सांसद से ऐसा जवाब मिला, जिसने संवेदनशीलता की सारी सीमाएं लांघ दीं। सीधी जिले की रहने वाली लीला साहू की जब सड़क न होने की शिकायत स्थानीय सांसद राजेश मिश्रा के पास पहुंची, तो उन्होंने सीधे-सीधे कहा – “डिलीवरी की डेट बता दो, हफ्ता पहले उठा लेंगे!” इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है।
महिला ने सड़क मांगी, सांसद ने दे दिया ‘डिलिवरी’ का जवाब
लीला साहू ने वीडियो के माध्यम से सांसद से कहा कि गांव में सड़क नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी होती है। इस पर सांसद राजेश मिश्रा ने कहा –
“आज तक किसी की डिलीवरी सड़क के कारण नहीं रुकी, सरकार एयरलिफ्ट कर इलाज करवा सकती है, एंबुलेंस, आशा कार्यकर्ता हैं, चिंता की कोई बात नहीं। आप अस्पताल में भर्ती हो जाओ, डिलिवरी डेट से पहले उठा लेंगे।”
पत्रकारों से बातचीत में सीधी से सांसद डॉ राजेश मिश्रा ने कहा, “गांव में बहुत सी महिलाएं होंगी जिनकी डिलीवरी हुई होगी, आजतक कोई ऐसी घटना हुई क्या. आज मध्य प्रदेश में मोहन यादव की सरकार है और जरूरत पड़े तो मरीज को एयरलिफ्ट करके ले जाते हैं और उसका इलाज करवाते हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “हमारे पास एंबुलेंस हैं, हमारे पास आशा कार्यकर्ता हैं, सारी सुविधाएं हैं. हम उनके लिए व्यवस्था करेंगे, इसमें चिंता की क्या बात है. अगर ऐसी कोई बात है तो आप (लीला साहू) अस्पताल में भर्ती हो जाओ. डिलीवरी की एक संभावित तारीख होती है हम उससे एक हफ्ते पहले उठवा लेंगे. उनकी इच्छा है तो अस्पताल में भर्ती हो जाएं हम सारी सुविधाएं देंगे.”
लीला साहू की सीधी शिकायत – वादा किया, पर सड़क नहीं बनी
लीला साहू ने सवाल उठाया कि जब सरकार सड़क नहीं बनवा सकती थी, तो झूठा वादा क्यों किया?
उन्होंने कहा –
“अगर पहले ही कह देते कि नहीं बना पाएंगे, तो हम खुद मोदी जी या नितिन गडकरी जी से मिलकर सड़क की मांग कर लेते। किसान जैसे बारिश का इंतजार करता है, वैसे ही हम और हमारे बच्चे सड़क का इंतजार कर रहे हैं।”
कांग्रेस का तीखा हमला – ‘महिला पार्सल है क्या?’
घटना का वीडियो सामने आते ही कांग्रेस ने बीजेपी पर करारा हमला बोला है।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से लिखा –
“गर्भवती लीला साहू ने सड़क की मांग की थी, जवाब मिला – डिलीवरी डेट बताओ, उठा लेंगे। क्या गर्भवती महिला कोई पार्सल है? यह बयान सत्ता की संवेदनहीनता की मिसाल है।”
कांग्रेस ने बीजेपी सांसद को तुरंत पद से हटाने और सार्वजनिक माफी की मांग की है।
बयान के बाद बढ़ा जनाक्रोश, सोशल मीडिया पर विरोध
सोशल मीडिया पर भी सांसद के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आम नागरिकों से लेकर सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं तक ने इस बयान की कड़ी निंदा की है। लोग पूछ रहे हैं कि “क्या जनप्रतिनिधि जनता की समस्या का मजाक उड़ाने के लिए बैठे हैं?”
अब तक क्या कार्रवाई?
हालांकि अब तक सांसद राजेश मिश्रा की ओर से कोई सफाई या माफी नहीं आई है, लेकिन दबाव बढ़ने के बाद संभावना है कि भाजपा नेतृत्व इस बयान को लेकर स्पष्टीकरण मांग सकता है। वहीं, लीला साहू अब सड़क की मांग को लेकर प्रशासन से फिर मिलने की तैयारी में हैं।
सीधी की लीला साहू का सवाल एक महिला की व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि देश के उन करोड़ों ग्रामीण परिवारों की पीड़ा है, जो अब भी सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जवाबदेही से बचने के लिए नेताओं का ऐसा व्यवहार न केवल लोकतंत्र की मूल भावना को आहत करता है, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी कमजोर करता है।









