September 27, 2026 4:37 am

DA Hike July 2026: त्योहारों से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को DA-DR बढ़ोतरी का इंतजार, कर्मचारी संगठनों ने की जल्द घोषणा की मांग

नई दिल्ली। आगामी दशहरा और दिवाली के त्योहारी सीजन से पहले देश के एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें केंद्र सरकार के बहुप्रतीक्षित फैसले पर टिकी हुई हैं। बढ़ती खुदरा महंगाई और त्योहारों के दौरान घरेलू खर्चों के दबाव को देखते हुए कर्मचारी संगठनों ने वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure) से 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की औपचारिक घोषणा जल्द से जल्द करने की मांग उठाई है। ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के ताजा आंकड़ों के आधार पर इस बार केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है।

‘कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉईज एंड वर्कर्स’ के महासचिव एम. एस. वेंगटेसन द्वारा सरकार को लिखे गए पत्र में आग्रह किया गया है कि बिना किसी अनावश्यक देरी के डीए और डीआर के प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकारी (केंद्रीय मंत्रिमंडल) के समक्ष रखा जाए। कर्मचारियों का कहना है कि वे किसी अतिरिक्त अग्रिम भुगतान की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि नियमानुसार जुलाई से देय किस्त की समय पर घोषणा चाहते हैं ताकि त्योहारों से पहले संशोधित वेतन और पिछले महीनों के एरियर का भुगतान नियमित वेतन चक्र के साथ हो सके।

7वें वेतन आयोग (7th Central Pay Commission) के तहत वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को उनकी बेसिक सैलरी का 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू हुआ था। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के लेबर ब्यूरो द्वारा जारी किए गए औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के 12 महीनों के औसत के आधार पर नई दर तय की जाती है:

  • 3% बढ़ोतरी (63% DA): जून 2026 तक के 12 महीनों के औसत सूचकांक के विश्लेषण के आधार पर गणना 63.78 प्रतिशत पर पहुंचती है, जिसे सरकारी राउंडिंग-डाउन नियमों के अनुसार कम से कम 63 प्रतिशत माना जा रहा है। इससे कुल डीए 60% से बढ़कर 63% हो जाएगा।

  • 4% बढ़ोतरी (64% DA): जुलाई में सूचकांक 1.3 अंक बढ़कर 153.2 के स्तर पर पहुंचने के बाद गणना 64.38 प्रतिशत के आसपास दर्ज की गई है। यदि सरकार इस व्यापक उछाल को आधार मानती है, तो कर्मचारियों का डीए सीधे 4 फीसदी उछलकर 64 प्रतिशत के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच सकता है।

महंगाई भत्ते की गणना कर्मचारी के बेसिक वेतन (Basic Pay) के आधार पर की जाती है। यदि सरकार 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी देती है, तो विभिन्न पे-मैट्रिक्स स्तरों पर वेतन में इस प्रकार सीधा लाभ देखने को मिलेगा:

  • न्यूनतम बेसिक वेतन (₹18,000): वर्तमान 60% की दर पर ₹10,800 डीए मिलता है। 64% होने पर यह बढ़कर ₹11,520 हो जाएगा, यानी हर महीने ₹720 की सीधी बढ़ोतरी होगी।

  • मध्यम स्तर का बेसिक वेतन (₹44,900): 60% की दर से वर्तमान में ₹26,940 मिलता है, जो 64% होने पर ₹28,736 हो जाएगा। इससे वेतन में हर महीने ₹1,796 का इजाफा होगा।

  • वरिष्ठ स्तर का बेसिक वेतन (₹56,100): वर्तमान ₹33,660 के मुकाबले 64% डीए होने पर ₹35,904 मिलेंगे, यानी मासिक वेतन में ₹2,244 की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

(नोट: यदि कैबिनेट द्वारा 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी स्वीकृत की जाती है, तो ₹18,000 बेसिक पे पर मासिक ₹540 और ₹56,100 बेसिक पे पर ₹1,683 का इजाफा होगा।)

केंद्र सरकार द्वारा साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) महंगाई भत्ते में संशोधन किया जाता है। ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार, जुलाई से प्रभावी होने वाले डीए की औपचारिक घोषणा केंद्र सरकार आमतौर पर सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर की शुरुआत में कैबिनेट बैठक के जरिए करती है।

चूंकि यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, इसलिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर—कुल 3 महीनों का बकाया एरियर (Arrears) अक्टूबर के वेतन के साथ एकमुश्त मिलने की पूरी उम्मीद है। इससे दिवाली और छठ पूजा के दौरान कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और बाजार में भी खुदरा मांग को नई गति मिलेगी।

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