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भोपाल। मध्य प्रदेश में अवैध कॉलोनाइज़र्स की मनमानी पर अब प्रशासन ने तकनीकी हथियार से सीधी चोट की है। अप्रैल 2025 से लागू किए गए ‘संपदा-2.0 सॉफ्टवेयर’ ने अवैध कॉलोनियों में की जा रही रजिस्ट्री को लगभग ठप कर दिया है। अब जैसे ही खरीदार किसी प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए आवेदन करता है, यह सॉफ्टवेयर उस जमीन की पूरी डिजिटल जांच करता है। यदि किसी भी दस्तावेज में कमी मिलती है तो रजिस्ट्री की प्रक्रिया वहीं रोक दी जाती है।

💻 कैसे करता है काम संपदा-2.0?
रजिस्ट्री के समय खसरा नंबर दर्ज करते ही प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी सिस्टम में ऑनलाइन आ जाती है। यह भी साफ हो जाता है कि:
- ज़मीन किसके नाम है
- उसकी लीगल स्टेटस क्या है
- कॉलोनाइज़र के पास अनुमति है या नहीं
- कौन बेच रहा है और पहले किसके नाम थी प्रॉपर्टी
इस रीयल टाइम डेटा मिलान के कारण अवैध कॉलोनियों में भूखंडों की बिक्री अब संभव नहीं रह गई है।
📍 55 जिलों में लागू, रजिस्ट्री अब पूरी तरह ऑनलाइन
संपदा-2.0 सॉफ्टवेयर को अप्रैल 2025 में प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू कर दिया गया है। अब सिर्फ ऑनलाइन रजिस्ट्री की जा सकती है, वो भी तभी जब सभी दस्तावेज पूरे हों। यदि एक भी दस्तावेज अधूरा है, तो प्रक्रिया स्वचालित रूप से रुक जाती है।
📌 ये दस्तावेज अनिवार्य हैं, नहीं तो रजिस्ट्री नहीं होगी
- टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) की अनुमति
- डायवर्सन सर्टिफिकेट
- अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC)
- ले-आउट प्लान
- मूलभूत सुविधाओं (बिजली, पानी, सड़क) का शपथपत्र
📉 50 से अधिक अवैध कॉलोनियां चिन्हित, कार्रवाई तेज
भोपाल में 50 से ज्यादा अवैध कॉलोनियों को संपदा-2.0 की मदद से चिन्हित किया गया है। इसके बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर हुजूर और कोलार एसडीएम ने इन कॉलोनाइज़र्स को नोटिस देकर दस्तावेज मांगे।
जो कॉलोनाइज़र दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए, उन पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
📊 संपदा-2.0 की खासियतें:
- प्रॉपर्टी की यूनिक आईडी से पूरी हिस्ट्री मिलती है
- प्लॉट या फ्लैट का साइज, मंजिल, लोकेशन का सटीक विवरण
- पहले के मालिक और ट्रांजैक्शन की डिटेल
- पारदर्शी और सुरक्षित पंजीयन प्रक्रिया
🗣 अधिकारियों का क्या कहना है?
“अब कोई भी अवैध कॉलोनी रजिस्ट्री के ज़रिए वैध नहीं बन सकती। संपदा-2.0 पूरी पारदर्शिता और प्रमाणिक दस्तावेजों के बिना रजिस्ट्री की अनुमति नहीं देता।“
— अमित तोमर, महानिरीक्षक पंजीयन, भोपाल








