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भोपाल/पेट्रोल न्यूज़।
मध्य प्रदेश में इस समय मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। प्रदेश में पांच सक्रिय वेदर सिस्टम की वजह से विभिन्न अंचलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सोमवार और मंगलवार को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। वहीं, बाकी जिलों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
इन जिलों में बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, भिंड, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जैसे जिलों में आज और कल बारिश की संभावना जताई गई है। रविवार को भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
बीते 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई:
- श्योपुर – 49 मिमी
- टीकमगढ़ – 67 मिमी
- सीधी – 19 मिमी
- सतना – 25 मिमी
- रीवा – 17.7 मिमी
- उमरिया – 18.4 मिमी
- मलाजखंड – 9 मिमी
- शिवपुरी – 5 मिमी
- इंदौर, खजुराहो, नौगांव – 1.2 मिमी
फिलहाल तापमान क्या चल रहा है?
राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान श्योपुर में 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बादलों की मौजूदगी के कारण गर्मी कुछ कम हुई है, लेकिन उमस बनी हुई है।
कहां-कहां बने हैं वेदर सिस्टम?
- उत्तर-पश्चिम बिहार और उससे लगे पूर्वी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवातीय घेरा बना हुआ है।
- पंजाब व आसपास भी ऊपरी हवा में सिस्टम सक्रिय है।
- गुजरात और दक्षिणी राजस्थान के ऊपर भी ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवात बना है।
- पूर्वोत्तर अरब सागर पर भी एक चक्रवाती क्षेत्र प्रभावी है।
- वहीं, मानसून द्रोणिका रेखा इस समय अमृतसर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जिससे सतही नमी मिल रही है।
क्या रहेगा असर?
इन सभी मौसम प्रणालियों के कारण आने वाले 48 घंटों तक उत्तर और उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश में बारिश का प्रभाव बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति रुक-रुक कर बारिश का कारण बनेगी, जबकि दक्षिणी और मध्य क्षेत्र अभी अपेक्षाकृत शुष्क रह सकते हैं।
क्या कहती हैं मौसम वैज्ञानिक?
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में मानसून की द्रोणिका सक्रिय है और हवा के ऊपरी भाग में बनी चक्रवातीय स्थितियों के कारण उत्तरी मध्यप्रदेश में बारिश के अच्छे संकेत हैं। आने वाले दो दिनों तक इन जिलों में फसलों और किसानों के लिए यह बारिश लाभकारी सिद्ध हो सकती है।









