Mauganj News :
मऊगंज। गहरवार नर्सिंग होम को लेकर एक बार फिर गंभीर लापरवाही और स्वास्थ्य सुरक्षा से खिलवाड़ के आरोप सामने आए हैं। नर्सिंग होम के बाहर भले ही कई विशेषज्ञ डॉक्टरों के नाम चमकते हों, लेकिन हकीकत ये है कि पूरा अस्पताल एक ही डॉक्टर के भरोसे संचालित किया जा रहा है, जो न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि मरीजों की जिंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में फर्जीवाड़ा और चिकित्सा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक न तो बीएमओ ने कोई जांच की और न ही सीएमएचओ की ओर से कोई ठोस कदम उठाया गया। स्वास्थ्य विभाग की यह चुप्पी सवालों के घेरे में है, जो यह सोचने पर मजबूर करती है कि कहीं कोई अनहोनी का इंतज़ार तो नहीं किया जा रहा?
⚠️ मरीजों की जान से हो चुका है खिलवाड़
गहरवार नर्सिंग होम पर पहले भी कई मरीजों की जान जोखिम में डालने के आरोप लग चुके हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो कई मामलों में गलत दवा और उपचार के चलते गंभीर हालात बन चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोग इस नर्सिंग होम को “लाइसेंसी खतरा” करार दे चुके हैं, जो स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत और भ्रष्ट तंत्र की ओर इशारा करता है।
🔍 प्रशासन की चुप्पी बनी रहस्य
बीएमओ और सीएमएचओ अपनी-अपनी सीमाओं और जिम्मेदारियों का हवाला देकर एक-दूसरे पर कार्रवाई की जिम्मेदारी टालते नजर आ रहे हैं। सवाल यह है कि जब अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, अव्यवस्था और मरीजों के जीवन से सीधा खिलवाड़ हो रहा है, तो अब तक इसका संचालन कैसे जारी है?
🚨 जनता ने की कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से गहरवार नर्सिंग होम की उच्चस्तरीय जांच कराने और तत्काल प्रभाव से लाइसेंस निलंबित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक यहां योग्य स्टाफ और चिकित्सा सुविधाओं की गारंटी नहीं होगी, तब तक अस्पताल को बंद किया जाए।
यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता, तो यह नर्सिंग होम किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। जिम्मेदारों की निष्क्रियता से लोगों का भरोसा स्वास्थ्य व्यवस्था से उठता जा रहा है।








