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रीवा में रिकॉर्ड 203.6 मिमी बारिश, चक्रवात- द्रोणिकाओं के असर से लगातार जारी है वर्षा का सिलसिला
भोपाल।
प्रदेश में सक्रिय पांच अलग-अलग मौसम प्रणालियों के प्रभाव से भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने रविवार और सोमवार को 26 जिलों में भारी बारिश और 8 जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में बाढ़, जलभराव और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
🌧️ 24 घंटे में रीवा में सबसे ज्यादा बारिश
शनिवार सुबह 8:30 बजे से लेकर रविवार सुबह तक प्रदेश के कई जिलों में जमकर बारिश हुई।
- रीवा: 203.6 मिमी
- सीधी: 185.2 मिमी
- खजुराहो: 140.4 मिमी
- टीकमगढ़, नौगांव: 96 मिमी
- सतना: 81 मिमी
- नरसिंहपुर: 77 मिमी
- सागर: 54.6 मिमी
इसके अलावा भोपाल, पचमढ़ी, रायसेन, मंडला, नर्मदापुरम समेत अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई।
⚠️ इन 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट:
ग्वालियर, अशोकनगर, दतिया, गुना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, मुरैना, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, दमोह, छतरपुर, भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, उज्जैन, नीमच, देवास, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर और आगर मालवा।
🚨 8 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी:
ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर।
🌀 चक्रवात और द्रोणिकाओं की स्थिति
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार:
- एक चक्रवात पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में सक्रिय है।
- दूसरा हरियाणा पर हवा के ऊपरी भाग में बना है।
- द्रोणिका रेखा सूरतगढ़ से बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जो मध्य प्रदेश के कई जिलों से होकर गुजर रही है।
- पश्चिमी विक्षोभ जम्मू के आसपास द्रोणिका रूप में सक्रिय है।
📉 बारिश में जल्द गिरावट के संकेत
मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मध्य प्रदेश पर बना चक्रवात अब कमजोर पड़ने लगा है। ऐसे में सोमवार शाम से वर्षा की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है, हालांकि अगले 24-36 घंटे अभी भी संवेदनशील हैं।
📢 सावधानियां और प्रशासन की तैयारियां
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखा है।
- निचले इलाकों में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- जलभराव वाली जगहों पर पंप सेट और राहत दल तैनात किए जा रहे हैं।
- नदी किनारे बसे गांवों में विशेष निगरानी जारी है।
📝 क्या कहता है पेट्रोल न्यूज़ ?
मध्य प्रदेश में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। रीवा और सीधी जैसे जिलों में रिकॉर्ड बारिश ने फिर से प्राकृतिक आपदा की गंभीरता का अहसास कराया है। जनता को अगले दो दिन बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। किसानों, यात्रियों और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों के लिए प्रशासन ने विशेष एहतियात बरतने की अपील की है।








