
झारखंड लोकसेवा आयोग (JPSC) और JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ युवाओं का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राज्य सरकार के रवैये से छात्र काफी आहत है। आज आंदोलन 14वें दिन में प्रवेश कर गया है। मगर छात्रों के दर्द जानने सरकार के कोई मंत्री नहीं पहुंचे। शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचीं। जब उनसे रिपब्लिक के संवाददाता ने सवाल किया कि आखिर इतने दिन तक छात्रों की कोई सुध क्यों नहीं ली गई?
रिपब्लिक के सवालों पर नेहा बोरा ने पहले चुप्पी साधी ली और बात में रिपोर्टर से बदमीजी करने लगी। नेहा बोरा ने न सिर्फ सवालों से दूरी बनाई, बल्कि ऑन-कैमरा रिपोर्टर और मीडिया टीम के साथ बदतमीजी भी की।
नेहा बोहरा ने ऑन-कैमरा की बदतमीजी
नेहा बोहरा से सवाल बस इतना ही थी कि आंदोलने के 14वें दिन में प्रवेश करने के बाद आप यहां पहुंचीं, इतने दिन तक आप कहां थी? सवाल सुनते ही नेहा अपना आपा खो बैठीं और ऑन-कैमरा बदतमीजी करने लगीं। नेहा बोरा के वहां पहुचते ही स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।
देवेंद्र महतो ने हेमंत सरकार पर हमला बोला
इससे पहले आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भी हेमंत सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “सरकार का रवैया छात्रों के प्रति बहुत ही असंवेदनशील है। कई बार उनके अधिकारी आए और कहा कि सरकार वार्ता के लिए तैयार है, आप अपने प्रतिनिधिमंडल का नाम भेजिए। यही तीन दिन से चल रहा है। मगर अब तक सहमति नहीं बन पा रही है। SDM और ADM को भेजा गया, मगर हमने पहले ही कहा था बात सीधे CM से होगी।
देवेंद्र नाथ महतो ने आगे कहा, “देश की आजादी में इतने लोग शहीद हुए तो हमें लगता है कि यदि JPSC-JSSC के सुधार के लिए कुर्बानी के रास्ते पर भी जाना पड़े तो ये गलत नहीं है। हम मिल-जुलकर ऐसा सिस्टम तैयार करेंगे जिसमें धांधली की संभावना ना हो। एक ऐसी व्यवस्था हो कि जो पढ़ेगा, उसी को नौकरी मिलेगी।”









