Mauganj News :
मऊगंज। किसानों के लिए जरूरी यूरिया खाद अब खुलेआम कालाबाजारी का शिकार हो रही है।
बहुती–पहाड़ी मार्ग पर करकचहा सोसाइटी के लिए जा रहे यूरिया से लदे ट्रक को ग्रामीणों ने रंगेहाथ पकड़ लिया। ट्रक से खाद उतारकर बेची जा रही थी और यह सब इतनी खुलेआम हो रहा था कि ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, तहसीलदार नईगढ़ी और थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और शेष खाद को करकचहा समिति में उतरवाकर ट्रक को पुलिस कस्टडी में थाने खड़ा करा दिया।
अब जांच की जा रही है कि आखिर किसके संरक्षण में यह कालाबाजारी चल रही थी।
पांच दिन से खड़ा था ट्रक
सूत्रों का कहना है कि यह ट्रक 14 अगस्त को 600 बोरी यूरिया खाद लेकर आया था। बहुती समिति में 300 बोरी उतारने के बाद ट्रक करकचहा समिति के लिए रवाना हुआ, लेकिन बीच रास्ते कालाबाजारी शुरू कर दी गई। हैरानी की बात यह है कि पूरा ट्रक पांच दिन तक नईगढ़ी में खड़ा रहा, मगर कृषि विभाग के किसी अधिकारी ने इसकी सुध नहीं ली।
कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
किसानों का कहना है कि खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए निरीक्षण अधिकारी तो नियुक्त किए गए हैं, लेकिन ये अधिकारी केवल दिखावा करते हैं। इनका निरीक्षण सिर्फ कागजों तक सीमित है, जबकि जमीन पर व्यापारी खुलेआम दोगुनी कीमत पर खाद बेच रहे हैं।
किसान बोले – “खेल बहुत बड़ा है”
ग्रामीणों का आरोप है कि कई व्यापारी रैक से खाद तो उठाते हैं लेकिन उसे अपने गोदाम या दुकानों तक लाने की बजाय रास्ते में ही पूरा माल बेच डालते हैं। यही कारण है कि लाइसेंसधारी दुकानों में खाद या तो मिलती ही नहीं, और अगर मिलती है तो दोगुनी कीमत पर। किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन मोबाइल लोकेशन और उठाव की पूरी जांच करे तो कालाबाजारी का पूरा खेल उजागर हो जाएगा।
यूरिया खाद की किल्लत ने पहले ही किसानों को संकट में डाल रखा है, ऊपर से प्रशासन की अनदेखी और विभागीय मिलीभगत ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। अब देखना यह है कि वायरल वीडियो से उठे सवालों पर जिला प्रशासन कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है।








