Mauganj News IN Hindi:
मऊगंज जिले में किसान इन दिनों भारी संकट से जूझ रहे हैं। रबी सीजन की तैयारी के बीच डीएपी खाद की क़ालाबाज़ारी चरम पर पहुँच चुकी है, जबकि इसे रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह नदारद दिखाई दे रहे हैं। किसानों का आरोप है कि दुकानें न केवल सरकारी रेट पर उपलब्ध होने वाली खाद छुपा रही हैं बल्कि ओवररेट में बेची जा रही है।
ओवररेट में चल रही बिक्री — असली कीमत से 150–200 रुपये ज्यादा
जिले में कई दुकानदार डीएपी खाद को सरकारी दर से अधिक मूल्य पर किसानों को बेच रहे हैं। किसान मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें फसल के लिए खाद की तत्काल जरूरत है। कई जगह शिकायतें मिलने के बावजूद भी कृषि विभाग के एसडीओ और अधिकारी चेकिंग करने तक नहीं पहुंचे।
सूत्रों का दावा: नकली खाद भी बिक रही धड़ल्ले से
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सूत्रों के अनुसार कई दुकानों में नकली डीएपी खाद भी धड़ल्ले से बेची जा रही है। किसानों का कहना है कि कुछ खाद देखने में असली लगती है, लेकिन खेत में डालने पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इससे सीधे-सीधे फसल खराब होने और आर्थिक नुकसान का खतरा बढ़ रहा है।
अधिकारियों की लापरवाही उजागर
किसानों ने बताया कि शिकायतें करने के बावजूद कृषि विभाग के एसडीओ दुकानों की जांच में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। खेतों में किसान परेशान हैं, और अधिकारी कार्यालयों से बाहर तक नहीं निकल रहे। इससे क़ालाबाज़ारी करने वाले दुकानदार और भी हिम्मत में आ गए हैं।
किसानों की मांग — तत्काल कार्रवाई शुरू हो
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- डीएपी खाद की क़ालाबाज़ारी पर तुरंत रोक लगे
- ओवररेट बेचने वालों पर कार्रवाई की जाए
- नकली खाद बेचने वालों के खिलाफ FIR दर्ज हो
- कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को मैदान में उतारा जाए
मऊगंज जिले में डीएपी खाद की उपलब्धता और बिक्री पर सख्ती नहीं हुई तो किसानों की फसल और मेहनत दोनों पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।








