Mauganj News :
मऊगंज, 10 जुलाई 2025।
हनुमना तहसील के खटखरी राजस्व वृत्त में महीनों से जनता की उम्मीदों और प्रशासन की साख पर भारी पड़ रहे भ्रष्ट प्रभारी बैसाखूराम प्रजापति को आखिरकार कलेक्टर मऊगंज ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में बैसाखूराम को हटाकर उनकी जगह अब ईमानदार और कर्मठ अधिकारी शिवम कुमार गौतम को अस्थाई रूप से नायब तहसीलदार पदस्थ किया गया है।
बैसाखूराम प्रजापति की कार्यशैली को लेकर क्षेत्र में भारी असंतोष था। आम जनता से लेकर किसान, पटवारी से लेकर कानूनगो तक — हर कोई उनके व्यवहार, रिश्वतखोरी और फाइलों में “गति के नाम पर गारंटी घूस” के रवैये से परेशान था। शिकायतों का अंबार था, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी। आखिरकार कलेक्टर संजय जैन ने सख्त निर्णय लेते हुए जनता की मांग पर मुहर लगा दी।
प्रभारी नायब तहसीलदार के रूप में बैसाखूराम प्रजापति का कार्यकाल भ्रष्टाचार, लापरवाही और जनता से दूरी के लिए कुख्यात रहा। खटखरी वृत्त में दस्तावेज़ सुधार, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे कामों के लिए जनता को महीनों तक भटकना पड़ता था। दलालों के इशारों पर काम करना, बिना नजराना लिए फाइलें आगे न बढ़ाना—इनका स्थायी रूटीन बन चुका था।
ग्रामीणों ने कई बार विरोध किया, शिकायतें भी हुईं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से जनता में आक्रोश बढ़ता गया। सूत्रों से कहा जा रहा है कि कुछ फर्जी प्रकरणों की जांच और नामांतरण में जमकर लेन-देन हुआ था, जिसकी रिपोर्ट प्रशासन तक पहुंची।
जनता को राहत की सांस, अब उम्मीद शिवम गौतम से
पन्ना से स्थानांतरित होकर आए शिवम कुमार गौतम को खटखरी जैसे संवेदनशील वृत्त की जिम्मेदारी सौंपना प्रशासन का साहसिक कदम माना जा रहा है। गौतम ईमानदारी और तेज निर्णय क्षमता के लिए जाने जाते हैं। पूर्व में जहां-जहां पदस्थ रहे, वहां पारदर्शिता और जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण को प्राथमिकता दी। उनकी नियुक्ति से हनुमना और खटखरी क्षेत्र की जनता को यह विश्वास हुआ है कि अब “न्याय मिलेगा, न कि रेट लिस्ट।”
आदेश की प्रति में साफ निर्देश:
दिनांक 10 जुलाई को जारी आदेश (क्रमांक 83/स्था./तीन/2025) में म.प्र. शासन द्वारा शिवम गौतम को खटखरी में अस्थाई रूप से पदस्थ करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है।
निष्क्रिय और भ्रष्टाचार के प्रतीक बने बैसाखूराम हटे, अब जनता बोले – ‘कलेक्टर साहब आपका धन्यवाद!
यह फैसला केवल एक स्थानांतरण नहीं, बल्कि मऊगंज प्रशासन की ओर से भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोंका गया तमाचा है। अब देखना यह है कि शिवम गौतम अपने कार्यशैली से जनता का विश्वास कैसे कायम रखते हैं। लेकिन फिलहाल, हनुमना-खटखरी की हवा में एक नई उम्मीद बह रही है।









