
MP -राहुल गांधी का बड़ा संदेश: “6 महीने तक नहीं बदले जाएंगे मध्यप्रदेश कांग्रेस जिलाध्यक्ष, किसी का रिमोट मत बनना”
भोपाल। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश कांग्रेस के नवनिर्वाचित जिलाध्यक्षों को सख्त नसीहत दी है। उन्होंने साफ कहा कि अब संगठन में न तो गुटबाजी चलेगी और न ही किसी का रिमोट कंट्रोल। “आपको संगठन ने बैठाया है, किसी नेता ने नहीं”—राहुल का यह बयान सीधे उन बड़े नेताओं पर तंज माना जा रहा है जो लंबे समय से प्रदेश कांग्रेस में अपना दबदबा बनाए हुए थे।
छह महीने तक पद सुरक्षित
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के नए जिलाध्यक्षों को कम से कम छह महीने तक नहीं बदला जाएगा। इस दौरान उनके कामकाज का मूल्यांकन होगा। यानी विरोध करने वाले गुटों को फिलहाल लंबा इंतजार करना होगा।
“व्यवस्था परिवर्तन की जिम्मेदारी”
राहुल ने जिलाध्यक्षों से कहा कि वे केवल सत्ता परिवर्तन की राजनीति न करें, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन में जुटें। देखें कि जनता को उनके संवैधानिक अधिकार मिल रहे हैं या नहीं, किसी वर्ग का हक तो नहीं छीना जा रहा है।
पहले टिकट बांटने का खेल, अब खत्म
राहुल गांधी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा—
“पहले विधानसभा और लोकसभा टिकट 2-3 बड़े नेता आपस में बांट लेते थे, अब ऐसा नहीं होगा। टिकट के लिए जिलाध्यक्षों की अनुशंसा सबसे अहम होगी, लेकिन वह अनुशंसा तर्क और तथ्य आधारित होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष कांग्रेस की नींव हैं। उनके नेतृत्व में बूथ स्तर तक संगठन तैयार होगा, जिसमें युवा, महिला और सभी वर्गों को शामिल करना होगा।
प्रशिक्षण शिविर से नसीहत
दिल्ली में हुए एक दिवसीय जिलाध्यक्ष प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी ने करीब एक घंटे तक संबोधित किया। 10 घंटे लंबे चले इस शिविर में कुल 71 जिलाध्यक्ष शामिल हुए। सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया सीनेत ने उन्हें स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और डिजिटल मंचों पर जनता से संवाद मजबूत करने की हिदायत दी।
राजनीतिक संदेश साफ
प्रदेश कांग्रेस में जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर कई जगहों पर असंतोष और विरोध देखा जा रहा था। ऐसे में राहुल गांधी का यह बयान साफ इशारा करता है कि आलाकमान अब गुटबाज नेताओं के दबाव में आने के बजाय सीधे संगठन को ताकत देगा।









