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पुलिस ने किया भंडाफोड़
सिंगरौली। सरकारी स्कूलों में मिलने वाली छात्र योजनाओं के तहत दी जाने वाली सुविधाओं में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं, लेकिन सिंगरौली जिले से सामने आया ये मामला सिस्टम की सड़ांध की हदें पार करता नजर आ रहा है। शासकीय हाई स्कूल खटाई में पदस्थ प्रिंसिपल जयकांत चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों को वितरित की जाने वाली 23 साइकिलें चोरी कर लीं, और उन्हें बेचने के लिए खैरा गांव के एक व्यक्ति के घर में छिपाकर रखा था।
3 महीने पहले गायब हुई थीं साइकिलें
सरकार की योजना के तहत स्कूल में छात्रों को साइकिलें वितरित की जानी थीं, लेकिन 23 साइकिलें रहस्यमय तरीके से लापता हो गईं। इन साइकिलों को तीन महीने पहले ही गुपचुप तरीके से खैरा गांव में एक व्यक्ति के यहां रखवा दिया गया था, जिससे संदेह होता है कि उन्हें बाद में बेचने की मंशा थी।
पुलिस की कार्रवाई से टूटी साजिश
जब इन साइकिलों को बेचने की योजना बनी, तभी पुलिस को इसकी भनक लग गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने छापा मारकर सभी 23 साइकिलें बरामद कर लीं। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी बोले—जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी एसबी सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह घटना बच्चों के हक में सीधा हस्तक्षेप है।
प्रदेश में पहले भी हुए हैं ऐसे मामले
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई जिलों में छात्रों के लिए आवंटित यूनिफॉर्म, किताबें, भोजन सामग्री या साइकिलें चोरी या गबन किए जाने के मामले सामने आए हैं। पर सवाल यह उठता है कि आखिर इतने गंभीर मामलों में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई क्यों नहीं होती?









