
उत्तर प्रदेश में आगामी त्योहारी सीजन—शारदीय नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस, दीपावली, भैयादूज और छठ महापर्व—के आगमन से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को लेकर बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पावर कॉरपोरेशन और सभी वितरण निगमों (डिस्कॉम) को सख्त निर्देश दिए हैं कि त्योहारों के दौरान शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कहीं भी अनावश्यक बिजली कटौती नहीं की जाएगी और 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
पावर कॉरपोरेशन ने त्योहारों के दौरान बिजली की रिकॉर्ड मांग को पूरा करने के लिए अग्रिम बिजली खरीद, सब-स्टेशनों के अपग्रेडेशन और वैकल्पिक लाइनों के प्रबंधन की व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि त्योहारों की रोशनी में किसी भी तरह का तकनीकी या प्रशासनिक व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लोकल फॉल्ट और ब्रेकडाउन की स्थिति से निपटने के लिए ऊर्जा विभाग ने समय-सीमा (SLA) और जवाबदेही तय करते हुए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है:
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तत्काल फॉल्ट निस्तारण: स्थानीय लाइनों या जंपर में आने वाले फॉल्ट को शहरी क्षेत्रों में अधिकतम 1 से 2 घंटे और ग्रामीण अंचलों में 4 से 6 घंटे के भीतर दुरुस्त करना अनिवार्य किया गया है।
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ट्रांसफॉर्मर रिप्लेसमेंट विंडो: यदि कहीं ट्रांसफॉर्मर जलता या ओवरलोड होकर खराब होता है, तो शहरों में 24 घंटे और देहात में 48 घंटे के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर स्थापित करना होगा। इसके लिए डिवीजन स्तर पर पर्याप्त बफर स्टॉक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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क्विक रिस्पांस टीमें (QRT): प्रत्येक सब-स्टेशन और तहसील मुख्यालय पर 24×7 टेक्निकल क्विक रिस्पांस टीमें तैनात रहेंगी, जो पेट्रोलिंग वाहनों और जरूरी उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचेंगी।
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फीडरवार डिजिटल निगरानी: डिस्कॉम मुख्यालयों और लखनऊ स्थित केंद्रीय कंट्रोल रूम से हर 2 घंटे पर फीडर-वाइज ट्रिपिंग रिपोर्ट मंगाई जाएगी। यदि किसी फीडर पर बिना पूर्व अनुमति के अघोषित रोस्टिंग की गई, तो संबंधित अधिशासी अभियंता (XEN) और एसडीओ (SDO) पर सीधी विभागीय कार्रवाई होगी।
सरकार ने जहां उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली देने का वादा किया है, वहीं पावर कॉरपोरेशन के वित्तीय घाटे को कम करने के लिए लाइन लॉस (AT&C Loss) और बिजली चोरी के खिलाफ सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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स्मार्ट मीटरिंग और आर्मर्ड केबलिंग: जिन क्षेत्रों में लाइन लॉस 25% से अधिक है, वहां एरियल बंच्ड केबल (ABC) लगाने का काम तेज किया जाएगा और कटिया कनेक्शन पर ड्रोन व स्पेशल विजिलेंस टीमों द्वारा छापेमारी की जाएगी।
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फीडर लेवल ऑडिट: हर फीडर को कितना इनपुट पावर दिया गया और उससे कितना रेवेन्यू आया, इसका एनर्जी ऑडिट अनिवार्य कर दिया गया है। ज्यादा लॉस वाले फीडरों के जेई (JE) पर सीधे पेनल्टी और जवाबदेही तय की जाएगी।
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अवैध ओवरलोड पर कार्रवाई: पूजा पंडालों, मेलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अस्थायी कनेक्शन आसानी से उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि अवैध कटिया के कारण ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड होकर न जलें।
त्योहारों के दौरान आम जनता की सुविधा के लिए पावर कॉरपोरेशन ने उपभोक्ता सेवा तंत्र को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया है। बिजली गुल होने, तार टूटने या वोल्टेज की समस्या होने पर उपभोक्ता सीधे टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इसके अलावा यूपीपीसीएल (UPPCL) के वॉट्सऐप चैटबॉट और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना सीयूजी (CUG) मोबाइल नंबर 24 घंटे ऑन रखें और स्थानीय जनप्रतिनिधियों व आम जनता के फोन कॉल अनिवार्य रूप से रिसीव करें।
उत्तर प्रदेश के चारों प्रमुख डिस्कॉम—मध्यांचल (लखनऊ संभाग), पूर्वांचल (वाराणसी-गोरखपुर संभाग), पश्चिमांचल (मेरठ-नोएडा संभाग) और दक्षिणांचल (आगरा संभाग)—ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी 75 जिलों में व्यापक मेंटेनेंस अभियान शुरू कर दिया है:
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पेड़ों की टहनियों की छंटाई (Tree Pruning) की जा रही है ताकि आंधी या बारिश में 11kV और 33kV की लाइनें बाधित न हों।
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सभी 33/11 केवी उपकेंद्रों पर कैपेसिटर बैंक और रिले सिस्टम की जांच की जा रही है ताकि लो-वोल्टेज की समस्या न रहे।
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मुख्य बाजारों, रामलीला मैदानों और देवी पंडालों के आसपास खुले तारों को सुरक्षित ढंग से इंसुलेट किया जा रहा है।









