जैविक कृषि से बढ़ेगी आय, दंतेवाड़ा बनेगा मॉडल जिला-विधायक श्री अटामी
दंतेवाड़ा, 15 जून 2026

जिले के कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले में जैविक कृषि को बढ़ावा देने तथा किसानों को उन्नत जैविक तकनीकों से अवगत कराने के उद्देश्य से एक दिवसीय जैविक कृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के बड़ी संख्या में कृषकों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने सहभागिता की।

जैविक कार्यशाला को संबोधित करते हुए वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि दंतेवाड़ा जिला जैविक कृषि की अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। यहां की जलवायु, प्राकृतिक संसाधन और किसानों की मेहनत जैविक खेती के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि जैविक खेती केवल कृषि उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अभियान है। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के कारण देश में धान उत्पादन के क्षेत्र में विशेष पहचान रखते हैं। किसानों की अथक मेहनत से प्रदेश लगातार कृषि क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों से चर्चा के दौरान खेती-किसानी से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जो कृषि विकास की दिशा में उपयोगी साबित होंगे।
वन मंत्री एवं प्रभारी मंत्री ने कहा कि देश की आजादी के बाद पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने “जय जवान, जय किसान” का नारा देकर किसानों और सैनिकों के योगदान को सम्मान दिया था। इसके बाद विज्ञान और तकनीक के महत्व को देखते हुए “जय विज्ञान” का नारा भी जोड़ा गया। आज आवश्यकता इस बात की है कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान का समन्वय कर टिकाऊ एवं लाभकारी खेती को बढ़ावा दिया जाए। वन मंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने दंतेवाड़ा जिले के उन किसानों को विशेष रूप से बधाई और सम्मान दिया जो रासायनिक खेती को छोड़कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे किसान न केवल अपनी भूमि की उर्वरता को सुरक्षित रख रहे हैं, बल्कि समाज को स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण कार्य भी कर रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने खेतों की मेड़ों पर अधिक से अधिक पौधारोपण करें, जिससे भूमि संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि हमारी पारंपरिक कृषि पद्धतियां, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधन हमारी अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें संरक्षित रखते हुए जैविक खेती को जन आंदोलन का स्वरूप देना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ पर्यावरण, सुरक्षित खाद्य सामग्री और समृद्ध कृषि व्यवस्था प्रदान की जा सके। प्रभारी मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दंतेवाड़ा जिला जैविक खेती के क्षेत्र में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।
जैविक कृषि कार्यशाला को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय विधायक श्री चैतराम अटामी ने कहा कि जैविक कृषि दंतेवाड़ा जिले की नई पहचान बनती जा रही है। जिले के किसान प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाकर न केवल बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि अपनी आय में भी वृद्धि कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक वैज्ञानिक जानकारी, नवीन तकनीकों एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में कृषि विज्ञान केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिससे खेती को अधिक उन्नत और लाभकारी बनाया जा रहा है।
विधायक श्री अटामी ने कहा कि हमारे पूर्वज भी जैविक खेती करते थे, लेकिन वह सीमित स्तर पर होती थी। आज आवश्यकता है कि उसी परंपरागत खेती को आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों के साथ बड़े स्तर पर अपनाया जाए, ताकि किसानों की आय बढ़ सके और कृषि अधिक टिकाऊ बन सके। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तकनीकों और योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान करते हुए जैविक खेती को जन आंदोलन बनाने की अपील की।
कार्यशाला के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा जैविक खेती, हरी खाद, जैव उर्वरकों, वर्मी कम्पोस्ट, प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन, मूल्य संवर्धन तथा जैविक उत्पादों के विपणन से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। किसानों के साथ संवाद कर उनकी कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, मत्स्य विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग एवं भूमगादी संस्था द्वारा स्टॉल लगाकर किसानों को विभिन्न योजनाओं एवं तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही कृषकों को विभिन्न कृषि आदान सामग्रियों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के महिला स्व-सहायता समूह द्वारा रागी से निर्मित केक तैयार किया गया, जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा केक काटकर किया गया। साथ ही किसानों के मध्य आम के पौधों का वितरण भी किया गया।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, किसानों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा जिले में जैविक कृषि के व्यापक प्रसार हेतु सभी से सहयोग की अपेक्षा की गई। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग एवं भूमगादी संस्था के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही जिले के विभिन्न ग्रामों से आए कृषक, ग्रामीण युवा एवं महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविन्द कुंजाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमति सुनीता भास्कर,वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री संतोष गुप्ता, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित थे।





